जेल में गालीगलौज, धमकाने का लगाया था आरोप
16 अगस्त को आनंद गिरि ने जेल में खुद से गालीगलौज, मारपीट व धमकी देने का आरोप लगाया था। अपने अधिवक्ता के माध्यम से उन्होंने पत्र भेजकर प्रमुख सचिव गृह, जिला न्यायाधीश व अन्य अफसरों से शिकायत की थी।
पत्र में अधिवक्ता ने आरोप लगाया था कि मुलाकात के लिए जाने पर जेलर आरके सिंह ने उंगलियों के इशारे से आनंद गिरि को बुलाया और गालियां देते हुए जेल में ही हत्या कराने की धमकी दी। मारने के लिए भी झपटे और बीचबचाव पर उनसे अभद्रता की। जेल स्थानांतरण के मामले पर आनंद गिरि के अधिवक्ता विजय द्विवेदी का कहना है कि उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने पर यह कार्रवाई की गई है। वह इस मामले को न्यायालय के सामने रखेंगे।