इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि)
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प्रयागराज। आनंद भवन-सोरांव राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन निर्माण के लिए शहर की सीमा में आने वाले भवनों, ऐतिहासिक स्थलों का संयुक्त टीम शुक्रवार को निरीक्षण करेगी। रूट सर्वे के बाद इस पर काम शुरू किया जाएगा। 17 किमी लंबी यह फोरलेन सड़क परियोजना इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पास से होकर गुजरेगी। एनएच खंड ने बुधवार को स्पष्ट किया कि इस फोरलेन निर्माण में किसी भी ऐतिहासिक धरोहर को तोड़ना तो दूर छुआ तक नहीं जाएगा। इसमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय की दीवार का इंच भर कोना भी प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
एनएच-96 के तहत भूपिया मऊ से आनंद भवन तक 35 किमी फोर लेन राजमार्ग का निर्माण अब दूसरे चरण में पहुंचने वाला है। प्रथम चरण में भू पिया मऊ से सोरांव तक 18 किमी निर्माण पूरा कर लिया गया है। अब सोरांव से आनंद भवन तक 17 किमी फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के अलावा अतिक्रमण हटाने जैसे मसलों को लेकर शुक्रवार को संयुक्त रूप से निरीक्षण किया जाएगा। एनलाइनमेंट के मुताबिक यह फोरलेन शहर में एमएनआईटी से कैंटोनमेंट बोर्ड, मजार चौराहा से इलाहाबाद विश्वविद्यालय होते हुए आनंद भवन तक पहुंचेगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी के एनएच खंड के अलावा सेना, राजस्व विभाग व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अधिका रियों की संयुक्त टीम इस रूट का सर्वे कर वस्तुस्थिति का आकलन करेगी।
शहर में यह फोरलेन कहीं नौ मीटर तो कहीं 11 मीटर चौड़ी होकर गुजरेगी। डिवाइडर के एक तरफ का हिस्सा कहीं 8.75 मीटर है तो कहीं 7. 14 मीटर। ऐसे में अब तक के सर्वे के आधार पर एनएच खंड का कहना है कि इस निर्माण में इलाहाबाद विश्वविद्यालय का एक कोना भी प्रभावित नहीं होगा। एनएच खंड के एक्सईएन पीके चौधरी ने बताया कि चूंकि यह फोरलेन इविवि और छावनी क्षेत्र से होकर गुजर रही है, इसलिए समन्वय स्थापित करने और साझा निरीक्षण करने के लिए सेना व इलाहाबाद विश्व विद्यालय प्रशासन को पत्र भेजा गया है, ताकि निर्माण में किसी तरह की अड़चनों का सामना न करना पड़े।
मुख्य अभियंता ने सोरांव-आनंद भवन राजमार्ग का किया निरीक्षण
प्रयागराज। पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता हिमांशु मित्तल ने बुधवार को एनएच खंड के अफसरों के साथ एनएच-96 की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने नव निर्मित रामनगर घनश्यारी टोल प्लाजा भी देखा। इसके अलावा सोरांव-भूपिया मऊ तक हुए निर्माण की गुणवत्ता भी परखी। साथ ही सोरांव-आनंद भवन तक फोरलेन के दूसरे चरण के निर्माण की प्रगति भी जानी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर है। फोर लेन के लिए इसका एक कोना भी नहीं छुआ जा सकता। इविवि का पावर हाउस बाद में बना है। हो सकता है, वहां से सड़क को गुजरने में एक मीटर या उससे भी कम हिस्सा अधिग्रहण करने के लिए प्रस्ताव दिया जाए। फिलहाल इविवि की दीवार का कहीं से भी एक इंच कोना भी फोर लेन के लिए नहीं छुआ जाएगा। इसके लिए इववि के अफसरों के साथ हुई वार्ता में भी अवगत करा दिया गया है।- पीके चौधरी, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी एनएच खंड, प्रयागराज।