इस बार मां दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन नए यमुना पुल के नीचे कृत्रिम तालाब में होगा। नगर निगम की तरफ से कृत्रिम तालाब का निर्माण नवरात्र से पहले करा जाएगा। मंगलवार को नगर निगम सदन के दौरान पार्षद रणविजय सिंह ने कृत्रिम तालाब के निर्माण की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि गंगा-यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त रखने और मूर्ति विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब का निर्माण जरूरी है। इसपर सदन में मौजूद अन्य पार्षदों ने भी अपना समर्थन दिया। महापौर गणेश केसरवानी ने नवरात्र के पहले नए यमुना पुल के नीचे कृत्रिम तालाब के निर्माण का संकल्प पारित कराया।
वहीं, पार्षद रणविजय सिंह ने बताया कि ओमेक्स सिटी की तरफ से अरैल में बिजली शवदाह गृह के लिए भूमि दी जा रही है। नगर आयुक्त साई तेजा ने 17 सितंबर को भूमि के स्थलीय निरीक्षण की बात कही। सदन के दौरान पार्षद भोला तिवारी ने कहा कि जोनल अधिकारी के पास जन्म-मृत्यु और नामांतरण के अलावा कोई अधिकार नहीं है।
बिजली विभाग के मुख्य अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की मांग
सदन के दौरान पार्षद कमलेश तिवारी ने कहा कि बिजली विभाग में जमकर घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि शहर में कुल 1.64 लाख स्ट्रीट लाइट लगी हैं। जिनकी ऑटोमैटिक कंट्रोलिंग के लिए 5500 सीसीएमएस कंट्रोलिंग बॉक्स लगाए गए हैं। इनमें 2500 बॉक्स गायब हैं, जबकि तीन हजार बॉक्स खराब हो चुके हैं।
एक बॉक्स की कीमत 28 हजार रुपये है। वहीं जिन लाइट को शहर में 12500 रुपये की लागत से लगाया गया है, उन्हें महाकुंभ में यूपीपीसीएल ने 2600 रुपये प्रति लाइट लगाई गई थी। कमिश्नर की तरफ से मुख्य अभियंता के खिलाफ जांच बैठाई गई थी। जिसमें वह दोषी भी पाए गए लेकिन नगर आयुक्त ने कोई कार्रवाई नहीं की। महापौर ने बिजली विभाग के मुख्य अभियंता से सामग्री व लागत का पूरा ब्योरा देने को कहा।