देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर आजादी का अमृत महोत्सव आयोजन के तहत तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रेलवे द्वारा अनूठा पहल करते हुए संगम नगरी के चर्चित और गुमनाम शहीदों की याद में एक अनूठी गैलरी बनाने का निर्णय लिया गया था।
देश पर मर मिटने वाले गुमनाम शहीदों की गैलरी बनाए जाने का काम प्रयागराज जंक्शन पर शुरू हो गया है। जंक्शन के मुख्य हॉल में प्रयागराज के गुमनाम शहीदों के चित्र लगने शुरू हो गए हैं। यहां अगले कुछ दिनों में 20 से ज्यादा गुमनाम शहीदों के चित्र और उनसे जुड़ी अन्य जानकारियां प्रदर्शित कर दी जाएंगी। आजादी के अमृत महोत्सव आयोजन पर शहीदों से जुड़ी यह सभी जानकारियां स्थायी रूप से लगाई जा रही हैं।
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देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर आजादी का अमृत महोत्सव आयोजन के तहत तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रेलवे द्वारा अनूठा पहल करते हुए संगम नगरी के चर्चित और गुमनाम शहीदों की याद में एक अनूठी गैलरी बनाने का निर्णय लिया गया था। अब यह कार्य प्रयागराज जंक्शन पर शुरू हो गया है। इसमें से अधिकांश ऐसे शहीद हैं जिनके बारे में लोगों को कोई खास जानकारी नहीं है।
बता दें कि गुमनाम शहीदों के बारे में तमाम जानकारियां रेलवे द्वारा वीरेंद्र पाठक द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘प्रयाग से प्रयागराज तक’ से ली गई है। फिलहाल जंक्शन पर शहीद मुरारी लाल मोहन भट्टाचार्य, शहीद रामचंद्र आदि की फोटो और उनका परिचय लगा दिया गया है। अब यहां अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद, शहीद लाल पद्मधर, द्वारिका प्रसाद, महावीर, अब्दुल मजीद, त्रिलोक नाथ कपूर, नियामत उल्ला, हनुमान पंडित, सोहन लाल, सूरज नारायण आदि की गाथाएं भी मुख्य हॉल में प्रदर्शित की जाएंगी।
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आजादी के अमृत महोत्सव के तहत ही गैलरी बनाई जा रही है। इसके माध्यम से शहीदों की शौर्यगाथा प्रदर्शित की जा रही है। जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा। - अमित सिंह, पीआरओ, प्रयागराज मंडल