नागा साधु करेंगे स्नान की शुरुआत
महाकुंभ में अमृत स्नान की शुरुआत नागा साधु करेंगे। सदियों से महाकुंभ में सबसे पहले नागा साधु ही शाही स्नान आरंभ करते थे। इसके बाद ही गृहस्थ लोग स्नान करेंगे।
पुराणों में मिलता है वर्णन, 850 साल से भी अधिक प्राचीन हैं साक्ष्य
महाकुंभ के साक्ष्य 850 साल से भी अधिक प्राचीन हैं। मान्यता है कि आदि शंकराचार्य ने इसकी शुरूआत की थी और पुराणों में इसका वर्णन समुद्र मंथन से मिलता है। समुद्र मंथन के बारे में शिव पुराण, मत्स्य पुराण, पद्म पुराण, भविष्य पुराण समेत लगभग सभी पुराणों में जिक्र किया गया है। इतिहासकारों के अनुसार सम्राट हर्षवर्धन के समय से प्रमाण मिलते हैं। इसके बाद शंकराचार्य और उनके शिष्यों द्वारा संन्यासी अखाड़ों के लिए संगम तट पर शाही स्नान की व्यवस्था की गई थी। प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग जब अपनी भारत यात्रा के बाद उन्होंने कुंभ मेले के आयोजन का उल्लेख किया था।