संगम नोज पर ही हर घंटे दो लाख श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। वहां ड्रेजिंग के बाद दो हेक्टेयर में स्नान घाट एवं सर्कुलेटिंग एरिया विकसित किया गया है। 2019 में संगम नोज की क्षमता 50 हजार श्रद्धालु प्रति घंटा स्नान की थी। इस तरह इसमें तीन गुना से ज्यादा की वृद्धि की गई है। अफसरों के अनुसार 2019 से नदी लगातार अपने दाएं किनारे को पकड़ कर चलती थी। इसके करण दो हेक्टेयर से ज्यादा भूमि नदी में समाहित हो गई थी। इसको चार ड्रेजर मशीनों के माध्यम से हासिल की गई। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुजीत कुमार सिंह के अनुसार संगम से शास्त्री ब्रिज के बीच स्नान एवं सर्कुलेटिंग एरिया के रूप में 26 हेक्टेयर विकसित किया गया। इसके लिए 85 दिनों तक तीन शिफ्ट में काम हुआ और हर शिफ्ट में 25 श्रमिक लगे रहे। इस दौरान सात लाख घन मीटर सिल्ट निकाला गया।