लूट का खुलासा करने में नाकाम अमेठी पुलिस ने व्यापारी के घर पर जमकर तांडव मचाया। तीन वाहनों से पहुंची भरकम फोर्स दरवाजा तोड़कर मकान के भीतर घुसी और लूट के रुपये खोजती रही लेकिन उसके हाथ कुछ नहीं लगा। विरोध व सवाल करने वाले लोगों को पुलिसकर्मी गालियां देकर धमकाते रहे। जिससे महिलाएं सहमीं रहीं। बाद में पुलिस पिता व पुत्रों को अपने साथ उठा ले गए।
अंतू थाना क्षेत्र के बरबंडा निवासी सत्य प्रकाश उर्फ साजन शुक्ल के घर अमेठी एसओजी और पीपरपुर थानाध्यक्ष की टीम रात करीब तीन बजे दबिश दी। दरवाजा तोड़कर भीतर घुसी पुलिस पहले तो परिवार के लोगों को एक जगह एकत्र कर बैंक लूट के रुपये की बाबत पूछताछ करने लगी। इनकार करने पर पुलिस साजन शुक्ल को परिजनों के सामने मारने पीटने लगी।
विरोध करने व कार्रवाई की बाबत सवाल करने वालों को पुलिसकर्मी गालियां देकर शांत करा देते। लूट के रुपये खोजने के लिए पुलिसकर्मी फावड़े से खुदाई करने लगे। जिन-जिन स्थानों पर लेप हुआ था। उन स्थानों की खुदाई कर पुलिस रुपये खोजती रही। लोगों के मोबाइल भी जब्त कर लिए। बाद में साजन व उसके बेटों को लेकर पुलिसकर्मी चले गए। सुबह साजन के मौत की खबर घर पहुंची तो इलाके में सनसनी फैल गई।
पुलिस रही अलर्ट, बुलाई पीएसी
अंतू थाना क्षेत्र के बरबंडा निवासी साजन शुक्ल की पुलिस अभिरक्षा में पिटाई से हुई मौत को लेकर जिले की पुलिस अलर्ट रही। अंतू थाने पर एक कंपनी पीएसी बुलाई गई। सीमा पर ही कोहड़ौर पुलिस को लगा दिया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर शव वाहन के पीछे-पीछे चल रहे थे। बकवाल की आशंका को देखते हुए अंतू थाने पर आसपास के थानों की पुलिस भी बुला ली गई थी।
कार्रवाई से अंजान रही अंतू पुलिस
अमेठी एसओजी व पीपरपुर थाने की पुलिस ने कार्रवाई से अंतू पुलिस को दूर ही रखा। रात में दबिश की अंतू पुलिस को भनक तक नहीं लगी। सुबह साजन के मौत की खबर बाजार में पहुंची। इसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी हो सकी।
पहले भी साजन से पुलिस कर चुकी थी पूछताछ
बैंक लूट की घटना का खुलासा करने के लिए हाथ पैर चला रही अमेठी पुलिस साजन से पहले भी पूछताछ कर चुकी थी। अमेठी पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग का कहना था कि साजन वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुका था। इसलिए उस पर पहले से ही शंका थी। जांच में साजन के मुखबिरी करने की बात सामने आई थी।