अमर उजाला के युवा कुंभ में नृत्य प्रस्तुत करतीं छात्राएं।
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महाकुंभ जीवन के विविध आयामों से जुड़ने का माध्यम
दुनिया महाकुंभ में जीवन के विविध आयामों से जुड़ने, परिचित होने और सेवा-सत्कार की संस्कृति के अनुसरण के लिए आती है। कुंभ जीवन की विविधता का अद्भुत गुलदस्ता बनता है। कोई पीठ पर गठरी लेकर पांच से 10 किमी दूर तक आता है, तो कोई बोरिया में गृहस्थी का सामान लेकर। संगम तक पहुंचने में न थकान होती है न किसी तरह की पीड़ा। उल्लास-उत्साह के साथ पंचांग देखकर बिना किसी आमंत्रण के करोड़ों लोग इस मेले में खिंचे चले आते हैं। ग्रहों की स्थिति, श्रद्धा, निष्ठा के साथ लोग दुनिया के कोने-कोने से संगम पहुंचते हैं। यह कुंभ समय, सत्कार और जीवन प्रबंधन का माध्यम बनता है। नई पीढ़ी को चाहिए कि वह इस महाकुंभ में जीवन और समय के प्रबंधन की सीख ले। - प्रो. धनंजय चोपड़ा, कोआर्डिनेटर- पत्रकारिता अध्ययन केंद्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय