फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूरी हुई जीवन की साध, तीर्थ यात्रा को निकले परिवार

विज्ञापन
Amar Ujala Hamrahi Programme - फोटो : CITY DESK
विज्ञापन
अमर उजाला की ओर से ‘हमराही तीर्थ यात्रा’ कार्यक्रम के तहत पत्र वितरकों के माता-पिता हिमाचल प्रदेश रवाना
विज्ञापन

पत्र वितरकों के माता-पिता हुए प्रफुल्लित, जंक्शन पर माल्यार्पण कर किया सम्मान
प्रयागराज। अमर उजाला की ओर से बृहस्पतिवार को अपने ‘हमराही तीर्थ यात्रा’ कार्यक्रम के तहत पत्र वितरकों के माता-पिता हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हुए। जंक्शन स्टेशन पर दिल्ली के लिए हमसफर एक्सप्रेस पर सवार होने से पहले तीर्थ यात्रियों का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। यात्रा में दोनों परिवारों के साथ एक-एक सहयोगी भी रहेंगे। प्रयागराज से ही वाराणसी यूनिट के भी चार तीर्थ यात्री दिल्ली के लिए रवाना हुए। चारों परिवारों के बुजुर्ग इस यात्रा को अविस्मरणीय क्षण बताते हुए प्रफुल्लित रहे।
अमर उजाला हर वर्ष अपने सभी प्रकाशन यूनिटों के अंतर्गत आने वाले शहरों के अपने हमराही पत्र वितरक बंधुओं के माता-पिता को समूह में तीर्थ यात्रा कराता है। इस वर्ष हमराही कार्यक्रम के अंतर्गत प्रयागराज शहर के तेलियरगंज सेंटर के हमराही वितरक बंधु सोनू कुमार के पिता राजेंद्र कुमार एवं माता राधा देवी और रेलवे स्टेशन सेंटर के हमराही वितरक बंधु सुशील कुमार के पिता कमलाकर शुक्ला एवं माता गीता शुक्ला को तीर्थ यात्रा पर हिमाचल प्रदेश ले जाया जा रहा है। सोनू खुद माता-पिता के साथ जा रहे हैं जबकि कमलाकर और गीता अपने साथ अपनी बहू रीता को ले जा रहे हैं।
विज्ञापन

तीर्थ यात्रा पर रवाना हुए यात्रियों को हिमाचल प्रदेश के तीन प्रसिद्ध मंदिरों का दर्शन कराया जाएगा। सभी शुक्रवार की सुबह दिल्ली पहुंचेंगे, जहां से अन्य शहरों से आए हमराही बंधुओं के माता-पिता से मुलाकात करेंगे फिर अमर उजाला टीम के सहयोग और मार्गदर्शन में तीर्थ यात्रा पर निकलेंगे।
जीवन की पहली तीर्थयात्रा कराने के लिए अमर उजाला को सराहा
पत्र वितरक सोनू कुमार के पिता राजेंद्र कुमार और माता राधा देवी, पत्र वितरक सुशील कुमार के पिता कमलाकर शुक्ला और माता गीता शुक्ला ने बताया कि वह जीवन की पहली तीर्थ यात्रा पर जा रहे हैं। इस पहल के लिए उन्होंने अमर उजाला के प्रयास को सराहा। पत्र वितरकों के अभिभावकों ने कहा कि हमको यह यात्रा अमर उजाला परिवार की श्रेष्ठ भावना का परिचायक है। इस यात्रा से हमें न केवल धर्म क्षेत्र में पुण्य अर्जित करने का मौका मिलेगा बल्कि बेटे और बहू के साथ एक साथ रहने का मौका भी मिलेगा।
विज्ञापन

वाराणसी से यहां आकर तीर्थयात्रा पर रवाना हुए पत्र वितरक बंधु आलोक कुमार के पिता दामोदर दास और माता मूर्ति कला ने इसे पारिवारिक एकता की मिसाल बताया। वहीं पत्र वितरक बंधु जितेंद्र के पिता रोशन लाल और माता मोखनी देवी ने कहा कि पहले दर्शनीय स्थल देखे तीर्थ यात्रा करने का मौका अमर उजाला ने दिया है। सभी ने मुक्त कंठ से इस प्रयास को अद्वितीय बताते हुए सराहा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें