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विधायक अमनमणि त्रिपाठी की पत्नी की मौत का मामला : पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर की याचिका खारिज 

Wed, 16 Dec 2020 08:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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अमन मणि त्रिपाठी, सारा
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने  अमनमणि त्रिपाठी की पत्नी सारा का पोस्टमार्टम करने वाले फिरोजाबाद के डाक्टर पंकज राकेश को राहत देने से इंकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है। याचिका में विशेष न्यायालय सीबीआई गाजियाबाद द्वारा जारी समन आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी। सीबीआई ने इस मामले में पूरक चार्जशीट दाखिल की है। याचिका में उसे भी रद्द करने की मांग की गई थी। सारा की कार दुघर्टना में संदिग्ध रूप  मौत हो गई थी। मामले की जांच सीबीआई कर रही है। डाक्टर पर अमनमणि के साथ मिलकर षड्यंत्र पूर्वक झूठी पोस्ट मार्टम रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है। 
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याचिका पर  न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने सुनवाई की। सी बी आई के वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश ने याचिका का विरोध किया। अमनमणि त्रिपाठी पत्नी सारा सिंह के साथ सड़क मार्ग से लखनऊ से लद्दाख जा रहे थे। सिरसागंज पेगू चौराहे पर एक बच्चे को बचाने के लिए अचानक कार में ब्रेक लगाई तो गाडी तीन पलटी खाते हुए खेत मे जा गिरी। घायल सारा सिंह को फीरोजाबाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। 18 जुलाई 15 को इस मामले में अमनमणि पर षडयंत्र पूर्वक सारा की हत्या करने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। 14 अक्तूबर 15 को जांच सीबीआई को सौंप दी गई। 

सीबीआई ने अमनमणि त्रिपाठी के खिलाफ हत्या षडयंत्र के आरोप में चार्जशीट दाखिल की। विवेचना के दौरान पता चला कि याची डाक्टर ने स्वीपर की मदद से पोस्टमार्टम किया था और बिसरा सुरक्षित नहीं किया। रिपोर्ट में अमनमणि त्रिपाठी को बचाने के लिए चोटें छिपाई और झूठी रिपोर्ट पेश की। याची आटोप्सी का डॉक्टर नहीं है और उसने ऐसे डाक्टर की राय भी नहीं ली।मृत्यु का कारण नहीं बताया गया, पोस्टमार्टम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी नहीं कराई  गई है।

 

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सीबीआई ने एम्स के डाक्टरों के पैनल से फोटोग्राफ व दस्तावेजों के आधार पर रिपोर्ट दी की गला दबाकर मारा गया है। शाक या हैमरेज से मौत नहीं हुई है।बाएं फेफड़े में भी चोट है।पोस्टमार्टम में इनका जिक्र नहीं था तो सीबीआई ने पूरक चार्जशीट दाखिल की और याची पर षडयंत्र का आरोप लगाया। कोर्ट के पूछने पर याची अधिवक्ता सम्मन आदेश की अवैधानिकता पर कुछ नहीं बता सके।तो कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।

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