चौक जामा मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे मुस्लिमों पर की गई पु्ष्पवर्षा।
- फोटो : संवाद।
सैयद अनवर ज़िया के मुताबिक कुरआन-ए-पाक में अल्लाह तआला फरमाता है कि रोजों की गिनती पूरी करो और अल्लाह की खिदमत करो कि उसने तुम्हें हिदायत फरमाई। हदीस में है कि जब पैगंबरे इस्लाम में तशरीफ लाए तो उस जमाने में अहले मदीना साल में दो दिन खुशी करते थे। पैगंबरे इस्लाम ने फरमाया यह क्या दिन है? लोगों ने अर्ज किया कि जाहिलियत में हम इन दिनों में खुशी करते थे। जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मुहम्मद आजम ने बताया कि शुक्रवार को अलविदा जुमा की नमाज बाजमात दो बार में पढ़ाई गई। पहली जमात दिन में एक बजे इमाम सैयद रईस अख्तर हवीबी की इमामत में और दूसरी जमात दोपहर दो बजे मौलाना सैयद अली असगर की इमामत में हुई।
रात भर हुई इबादत
मस्जिद व घरों में इबादत का दौर जारी है। तरावीह की नमाज पढ़ी जा रही है। एतिकाफ में खूब इबादत हो रही है। कुरआन-ए-पाक की तिलावत जारी है। शबे कद्र में पूरी रात जागकर इबादत हो रही है। शबे कद्र की चौथी रात में लोगों ने खूब इबादत की और रो-रो कर दुआएं मांगी। ईद की खरीदारी जमकर हो रही है। नाज फातिमा फाउंडेशन से जुड़े युवाओं ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंदों में ईद की किट बांटी। किट में सेवईं, चीनी, घी, मेवा और 200 सौ रुपए ईदी के तौर पर जरुरतमंदों को देकर दुआ हासिल की गई।