इलाहाबाद विश्वविद्यालय में लंबे समय बाद स्नातक और परास्नातक की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो गई हैँ। ऐसे में दूसरे जिलों में रहने वाले छात्र अब प्रयागराज लौट आए हैं। दो साल पहले जो छात्र स्नातक द्वितीय वर्ष या तृतीय वर्ष में थे, उनका पाठ्यक्रम अब पूरा हो चुका है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के हॉस्टल दो साल से बंद पड़े हैं। इस दौरान जिन छात्रों ने अपना पाठ्यक्रम पूरा कर लिया है, हॉस्टल के कमरों पर अभी उनका कब्जा बरकरार है और अन्य छात्र हॉस्टल के लिए भटक रहे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में लंबे समय बाद स्नातक और परास्नातक की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो गई हैँ। ऐसे में दूसरे जिलों में रहने वाले छात्र अब प्रयागराज लौट आए हैं।
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दो साल पहले जो छात्र स्नातक द्वितीय वर्ष या तृतीय वर्ष में थे, उनका पाठ्यक्रम अब पूरा हो चुका है। इनमें से जो छात्र हॉस्टल में रहते थे, वे कोरोना के दौरान हॉस्टल बंद होने पर कमरे की चाभी अपने साथ लेकर चले गए थे। उनका पाठ्यक्रम तो पूरा हो गया लेकिन हॉस्टल के कमरों पर अब भी उनका कब्जा बरकरार है। विश्वविद्यालय में ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद दूसरे जिलों में रहने वाले जो छात्र प्रयागराज वापस आए हैं, वे अब हॉस्टल आवंटित किए जाने की मांग कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हॉस्टल आवंटन से पहले उसे अवैध कब्जे हटाने होंगे, जिसके लिए अभी तक कोई तैयारी नहीं की गई है। ऐसे में अगर नए छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन हॉस्टल आवंटित करता भी है तो उनके लिए हॉस्टल में कब्जा पाना मुश्किल होगा।