Prayagraj News : बारिश के चलते माघ मेले की तैयारी प्रभावित हो रही है।
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इस बार छह किमी तक बनाए जा रहे घाट
कोविड संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस बार छह किमी के दायरे में घाट बनाए जा रहे हैं। हालांकि, कटान की वजह से खासतौर पर, झूंसी की तरफ घाटों के निर्माण में भी परेशानी खड़ी हो गई है। पिछले वर्ष पांच किमी तक घाटों का निर्माण हुआ था लेकिन कोविड संक्रमण की वजह से इस बार एक किमी का दायरा बढ़ाया जा रहा है। ताकि, स्नान के दौरान भीड़ से राहत मिल सके।
संगम नोज के अलावा त्रिवेणी, दारागंज आदि स्थानों पर घाट बनाए जा रहे हैं। हालांकि, कटान से चुनौती बढ़ गई है। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि संगम नोज पर भी गंगा के बजाय यमुना नदी की तरफ घाट बनाए जा रहे हैं। संगम नोज पर घाट का दायर बढ़ाने के लिए बालू डाला गया लेकिन बुधवार तक बहुत सफलता नहीं मिल सकी। इसके अलावा झूंसी की तरफ भी कई जगहों पर घाट के निर्माण की समस्या खड़ी हो गई है।