बढ़ गया खेती का रकबा
पहले से ही सरसों के तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। यही स्थिति आलू की भी है। माना जा रहा था कि खुदाई के बाद आलू के दाम में कमी आएगी लेकिन बरसात ने इस उम्मीद पर पानी फेर दिया है। जिले में सरसों और आलू का रकबा भी बढ़ गया है। पहले जहां 15000 हेक्टेयर में खेती होती थी वहीं अब यह रकबा बढ़कर 25 हजार तक पहुंच गया है।
कृषि वैज्ञानिक डा. मनोज कुमार सिंह का कहना है कि बेमौसम की बारिश से तिलहनी और दलहनी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। नुकसान का आकलन विभाग की ओर से किया जा रहा है। सोरांव के किसान रामप्रसाद का कहना है कि बारिश के कारण फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। आलू की खुदाई की तैयारी की जा रही थी, लेकिन खेत में पानी भर जाने के कारण अब कुछ दिन बाद ही आलू की खुदाई हो पाएगी।