देश के शहरों को स्मार्ट बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने अगला कदम बढ़ा दिया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश से इलाहाबाद, झांसी, अलीगढ़, उत्तराखंड से देहरादून, जम्मू व श्रीनगर, शिमला और हरियाणा के करनाल समेत 30 शहरों को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल कर लिया गया है। अगले पांच सालों में करीब 57 हजार करोड़ के निवेश से इन शहरों को आधुनिक बनाया जाएगा। इलाहाबाद को 2239.48 करोड़ रुपये मिलेंगे।
विज्ञान भवन में शुक्रवार को स्मार्ट सिटी की तीसरी सूची जारी करते हुए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने बताया कि दो साल पहले 100 शहरों के लिए स्मार्ट सिटी मिशन लांच किया गया था। इसमें से 90 का चयन हो गया है। बचे दस शहरों की सूची आने वाले समय में जारी की जाएगी। इसके लिए मेरठ, रायबरेली, गाजियाबाद, सहारनपुर, रामपुर समेत 19 शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। तीसरी सूची में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद, अलीगढ़ और सिक्किम के गंगटोक शामिल हैं। वेंकैया नायडू के मुताबिक, इन शहरों का कायाकल्प करने के लिए 57,393 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसमें से आम लोगों की रजामंदी से 46,879 करोड़ रुपये में बुनियादी क्षेत्र का विकास होगा, जबकि 10,514 करोड़ रुपये तकनीकी विकास पर खर्च होंगे। नायडू ने बताया कि नई सूची जारी होने के बाद कुल 90 शहरों में 1,91,155 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित होने वाले इलाहाबाद में चरणबद्ध तरीके से काम कराए जाएंगे। फिलहाल जो योजना है, उसके तहत एरिया बेस्ड डेवलपमेंट (एबीडी) के तहत चुने गए मोहल्लों में काम शुरू कराया जाएगा। पहले कटरा, कर्नलगंज, मम्फोर्डगंज, सिविल लाइंस से विकास कार्य शुरू होंगे। फिर शहर के सभी हिस्से में एक के बाद एक क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाएंगे। केपीएमजी कंपनी की ओर से तैयार प्लान में सिविल लाइंस, महात्मा गांधी मार्ग, नवाब यूसुफ रोड, थार्नहिल रोड, अशोकनगर, कर्नलगंज, कटरा, मम्फोर्डगंज, कमिश्नरी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय का इलाका शामिल किया गया है।
दिल्ली में संगम नगरी को स्मार्ट सिटी बनाए जाने की घोषणा के बाद शहरियों में जबरदस्त उत्साह है। अफसर भी उत्साहित हैं। प्लान पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ जन सुविधाओं का विस्तार करने वाला है। स्मार्ट जोन में शहरियों को चौड़ी और साफ सुथरी सड़कें, कंप्यूटराइज्ड और सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक सिस्टम, प्रदूषण मुक्त महानगरी बसें, प्रदूषण मुक्त स्वच्छ वातावरण मिलेगा। पार्कों को भी विकसित किया जाएगा। साथ ही अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा के लिए अस्पतालों का एम्स की तर्ज पर उच्चीकरण, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, रोजगार के लिए आईटी, इंफो पार्क, इंडस्ट्रीयल टाउनशिप स्थापित करने की योजना है।
-------------
0 चौड़ी और साफ सुथरी चमचमाती सड़कें
0 फ्लाईओवर, फुटओवर ब्रिज, अंडर पास
0 सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक सिस्टम, पैंडिस्टल
0 सड़कों पर प्रदूषणमुक्त महानगरी बसें
0 सौर ऊर्जा के प्रयोग पर जोर
0 24 घंटे बिजली आपूर्ति, वाटर मैनेजमेंट सिस्टम
0 प्रमुख बाजारों में मल्टीलेविल वाहन पार्किंग
0 हरियाली का विकास, प्रदूषण से रोकथाम की व्यवस्था
0 इंटरनेट, वाईफाई की सुविधा
0 सुविधायुक्त रेलवे स्टेशन, तेज रफ्तार मेट्रो ट्रेन
0 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, इंडस्ट्रीयल टाउनशिप
0 रोजगार के लिए आईटी, इंफो पार्क, बड़ी कंपनियां
0 अस्पतालों का एम्स की तर्ज पर उच्चीकरण