- कोई यूएसए से शामिल हुआ तो कोई म्यामार से, सभी ने कहा कोरोना संकट के बाद फिर होगी मुलाकात
- उत्तर मध्य रेलवे के चीफ सिग्नलिंग इंजीनियर बने कार्यक्रम के सूत्रधार, कई वर्ष बाद हुई मुलाकात में कुछ हुए भावुक
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जेके इंस्टीट्यूट से बीटेक पास पुरा छात्र 20 वर्ष बाद मिले। वेबिनार के माध्यम से मिले इन पुरा छात्रों ने अपने पुराने दिन याद करने के साथ अब तब के सभी खट्टे-मीठे अनुभव भी साझा किए। इस वेबिनार में कोई यूएसए से शामिल हुआ तो कोई पड़ोसी मुल्क म्यामार से। सभी ने वादा किया कि कोरोना संकट से निजात पाने के बाद वह एक बार फिर मिलेंगे।
विश्विद्यालय के जेके इंस्टीट्यूट से 1999 में पास आउट यह पुरा छात्र पहले एक पुरा छात्र सम्मेलन करवाना चाहते थे, लेकिन देश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की वजह से सभी ने वेबिनार के माध्यम से ही मिलने का निश्चय किया। इस आयोजन में सभी पुरा छात्रों को वेबिनार के माध्यम से मिलाने में उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के चीफ सिग्नल इंजीनियर नीरज यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नीरज यादव ने बताया कि हम सभी पुरा छात्रों ने 1999 में इविवि के जेके से बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद सारे दोस्त सरकारी एवं मल्टी नेशनल कंपनियों के महत्वपूर्ण पदों पर काबिज हो गए।
वेबिनार के माध ्यम से वर्षों बाद सभी दोस्तों की हुई मुलाकात के दौरान खूब ठहाके भी लगे। कालेज के दिनों को याद कर कुछ पुरा छात्र भावुक भी हुए। इस दौरान कार्यक्रम में यूएसए के स्वात रंजन उपाध्याय तो म्यामार से एनटीपीसी में कार्यरत आलोक अस्थाना, इसरो से वैज्ञानिक रति सिंह, सैमसंग इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी केएल यादव, डीजीएम एनटीपीस अशोक यादव, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से अकुलेश उपाध्याय, भारतीय वायुसेना से सुचित यादव, विवेक, बीएसएनएल से संजय सिंह, विद्युत विभाग से धनराज आदि ने शिरकत की।