allahabad univesity exmamination amid covid-19
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं संघटक कॉलेजों में स्नातक अंतिम वर्ष एवं परास्नातक अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं कब होंगी को लेकर असमंजस दूर नहीं हो रहा है। विवि के परीक्षा नियंत्रक यूजीसी की ओर से गाइड लाइन जारी होने के बाद परीक्षाएं 17 अगस्त से कराने की तैयारी में थे। इस विषय में उनकी बुधवार को कुलपति से चर्चा के बाद भी कोई निर्णय नहीं हो सका। कोरोना के तेजी से संक्रमण को देखते हुए अब विवि प्रशासन की ओर से छात्रावास खाली कराने का निर्णय लेने के बाद अब परीक्षा 17 अगस्त से करा पाना संभव नहीं होगा। अब 17 अगस्त से भी परीक्षा नहीं हुई तो वह सितंबर में ही कराई जा सकती है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय देश की राजधानी में दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा टाले जाने के निर्णय को गंभीरता से ले रहा है, अब उसी आधार पर इविवि में भी परीक्षा की नई तिथि तय की जा सकती है। इससे पहले परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह ने 17 अगस्त से 30 सितंबर के बीच यूपी एवं पीजी अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराने की तारीख तय की थी। अब इस तिथि पर परीक्षा कराना संभव नहीं होगा।
यूजीसी के दिशा निर्देशों का विरोध
यूजीसी की ओर से स्नातक अंतिम वर्ष और परास्नातक अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं कराने के निर्देश के बाद से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विरोध शुरू हो गया है। छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि विवि के सभी छात्रों को बिना परीक्षा प्रमोट किया जाए। परीक्षा कराने से संक्रमण का खतरा है। समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता, दिशा छात्र संगठन के अमित एवं एनएसयूआई के जितेश मिश्र ने परीक्षा कराने का विरोध किया है।