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इलाहाबाद विवि बवाल : तोड़फोड़ के दौरान शिक्षिकाओं से हुई थी लूटपाट, छह छात्रनेता नामजद

Sat, 15 Jul 2023 02:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

11 जुलाई को बीवोक के छात्र आशुतोष दुबे की मौत के अगले दिन इविवि में जमकर बवाल हुआ था। विवि प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर जाम लगाने के साथ ही विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान संस्कृत विभाग में शिक्षिकाओं से मारपीट का वीडियो भी सामने आया था।
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इलाहाबाद विवि के छात्र। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दो दिन पहले हुए बवाल के दौरान शिक्षिकाओं से लूटपाट भी की गई थी। उनके गहने व नकदी लूट ली गई थी। यह आरोप कुलानुशासक डॉ. राकेश सिंह की ओर से लगाए गए हैं। फिलहाल उनकी तहरीर पर कर्नलगंज पुलिस ने छह छात्र नेताओं के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।

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11 जुलाई को बीवोक के छात्र आशुतोष दुबे की मौत के अगले दिन इविवि में जमकर बवाल हुआ था। विवि प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर जाम लगाने के साथ ही विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान संस्कृत विभाग में शिक्षिकाओं से मारपीट का वीडियो भी सामने आया था। अब विवि प्रशासन की ओर से लूटपाट का भी आरोप लगाया गया है।

कुलानुशासक की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि विवि के विभिन्न विभागों में अजय सिंह यादव उर्फ अजय सम्राट के नेतृत्व में लगभग 20 लोगों ने तोड़फोड़ की और रजिस्टर आदि फाड़ डाले। कई शिक्षक व शिक्षिकाओं पर ईंट-पत्थरों, राॅड आदि से हमला किया गया। संस्कृत विभाग के शिक्षक और शिक्षिकाओं के गहने व रुपये छीन लिए गए।
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उनका कहना है कि हिंसा करने वालों में अजय सम्राट के अलावा संचित मिश्र, आदित्य राज सिंह, अमर सिंह, विकास यादव, आयुष दीक्षित अब तक चिह्नित किए गए हैं। आरोप यह भी है कि मीडिया स्टडीज विभाग के छात्र आशुतोष की मृत्यु की घटना पर आरोपियों ने सोशल मीडिया पर अफवाह भी फैलाई। एसीपी कर्नलगंज राजेश कुमार यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है।

चीफ प्रॉक्टर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल

चीफ प्राॅक्टर प्रोफेसर राकेश सिंह ने शुक्रवार को राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर की स्थिति एवं विगत दिनों हुईं घटनाओं से अवगत कराया। पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने समुचित सुरक्षा की मांग की। ताकि, भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने पाएं।

विश्वविद्यालय परिसर में छात्र की मौत के बाद बुधवार को काफी बवाल हुआ था। छात्रों तथा कई बाहरी युवाओं ने संस्कृत विभाग में तोड़फोड़ तथा मारपीट की थी। इसमें दो महिला शिक्षकों को भी चोट पहुंची थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को भी छात्रों ने छात्रसंघ भवन गेट का ताला तोड़ दिया था।

चीफ प्रॉक्टर का कहना है कि विश्वविद्यालय में इस तरह की घटना पहली बार हुई है। उनका कहना है कि पुलिस की मौजदूगी में इस तरह की घटनाएं हुईं। इसे लेकर उन्होंने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। लिखा है कि इस घटना से महिलाओं में भय व्याप्त है। शिक्षक संघ भी इसे लेकर चिंतित है। उन्होंने लिखा है कि पुलिस को सुरक्षा के समुचित इंतजाम के लिए निर्देशित किया जाए, जिससे की भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न होने पाएं।

एबीवीपी के प्रांत मंत्री अतेंद्र का नाम भी उपद्रवियों में शामिल, एफआईआर

एबीवीपी के प्रांत मंत्री में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूरा छात्र अतेंद्र सिंह का नाम भी संस्कृत विभाग में तोड़फोड़ एवं मारपीट करने वालों में शामिल किया गया है। चीफ प्राॅक्टर की ओर से अतेंद्र के खिलाफ एफआईआर के लिए पुलिस को लिखा गया है। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर राकेश सिंह का कहना है कि घटना के दिन अतेंद्र को पहचाना नहीं जा सका था।

शुक्रवार को सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पहचान की गई। उनका कहना है कि दरवाजे में दबने से अतेंद्र की उंगली भी कट गई। सीसीटीवी फुटेज में यह सब स्पष्ट है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज पुलिस को भी उपलब्ध कराए। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 12 छात्रों के खिलाफ पहले ही तहरीर दी जा चुकी है।

इस तरह से अब एफआईआर में 13 नाम शामिल हो गए हैं। वहीं अतेंद्र का कहना है कि आंदोलन में वह शामिल थे लेकिन जिस तोड़फोड़ एवं अराजकता की बात कही जा रही उससे उनका कोई लेना देना नहीं है। अतेंद्र का यह भी कहना है कि किसी भी छात्र ने महिलाओं एवं शिक्षकों के साथ बदसलूकी नहीं की। आंदोलन को दबाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन गलत आरोप लगा रहा है।

छात्रों की डिग्री भी खतरे में, भेजा गया नोटिस

तोड़फोड एवं महिला शिक्षकों के साथ हाथापाई करने के आरोपी छात्रों की डिग्री भी खतरे में पड़ गई है। वर्तमान में पढ़ाई करने वाले नौ आरोपी छात्रों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। शुक्रवार को उनके आवास पर नोटिस भेजा गया। इनके अलावा चार पुरा छात्रों अजय सिंह यादव ऊर्फ सम्राट, संचित मिश्र, आदित्य राज सिंह एवं अतेंद्र सिंह को भी इस आशय का घर पर नोटिस भेजा गया है कि क्यों न उनकी डिग्री वापस ले ली जाए। चीफ प्रॉक्टर ने सभी 13 छात्रों का परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित किए जाने की सूचना भी विभागों में भेज दी है।
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पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों ने की विवि प्रशासन की निंदा

इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्र की मौत तथा उसके बाद के घटनाक्रम को लेकर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष भी छात्रों के पक्ष में आ गए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय पर हठधर्मिता अपनाने ेका आरोप लगाते हुए पूरे घटनाक्रम की निंदा की। केके राय एवं ऋचा सिंह ने मीडिया स्टडीज के छात्र की मृत्यु के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि छात्र को मेडिकल सुविधा एवं एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई।

उन्होंने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाया है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों का कहना है कि छात्र के पिता की तहरीर पर 72 घंटे बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उल्टे छात्रों के खिलाफ एफआईआर लिखकर आंदोलन दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ एफआईआर लिखे जाने की मांग की। उन्होंने मांग नहीं माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
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