allahabad university teachers association news
-ऑक्टा महासचिव ने कुलपति को पत्र लिखकर दर्ज कराई आपत्ति
-कॉमर्स डिपार्टमेंट में विभागाध्यक्ष की नियुक्ति जल्द करने की मांग
प्रयागराज। लगभग 36 दिन बीत चुके हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग में कोई हेड नहीं है। विभागाध्यक्ष की अनुपस्थिति में शोधार्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। शोध छात्र प्री सब्मिशन पेपर प्रस्तुत नहीं कर पा रहे हैं, वाइवा भी नहीं हो पा रहा है और ऐसे अनेक कार्य विभागाध्यक्ष के न होने से लटके पड़े हैं। इस मामले में ऑक्टा महासचिव उमेश प्रताप सिंह ने कुलपति को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है और मांग की है कि छात्र हित में शीघ्र कोई निर्णय लिया जाए।
अब तक विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रो. अजय सिंघल कार्यालय नहीं आ रहे हैं। एक माह पूर्व उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि इविवि ऑक्टा महासचिव ने इस बारे में जब इविवि प्रशासन के अफसरों से बात की तो उन्हें बताया गया कि प्रो. सिंघल ने इस्तीफा नहीं दिया है, बल्कि वह चिकित्सा अवकाश पर हैं। डॉ. उमेश प्रताप सिंह का कहना है कि विभागाध्यक्ष ने इस्तीफा दिया या छुट्टी पर गए, इससे छात्रों का क्या लेन-देना। अगर वह नहीं आ रहे हैं, तो उनकी जगह किसी दूसरे को चार्ज मिलना चाहिए ताकि छात्रों का नुकसान न हो। इसके अलावा ऑक्टा महासचिव ने कुलपति को लिखे पत्र में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है।
डॉ. उमेश का कहना है कि जुलाई का महीना आधा बीत चुका है और अब तक कई विषयों में पिछले वर्ष के शोध की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। प्रवेश प्रक्रिया पूरी किए बगैर अगले सत्र के लिए संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा कैसे आयोजित की जा सकती है। कुलपति से मांग की गई है कि कोई ठोस निर्णय लें और कॉमर्स डिपार्टमेंट में जल्द ही विभागाध्यक्ष की नियुक्ति करें। इस बारे में इविवि के पीआरओ डॉ. शैलेंद्र मिश्र का कहना है कि प्रो. सिंघल चिकित्सा अवकाश पर हैं। उनके इस्तीफे के बारे में कोई जानकारी नहीं है।