इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रितु मोदी का मोबाइल नंबर हैक कर उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल करते हुए फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाने का मामला सामने आया है। साइबर ठग ने इस अकाउंट के जरिये इविवि के शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और अन्य परिचितों समेत करीब 300 से 400 लोगों को संदेश भेजकर रुपये मांगे। अब तक दो लोगों से रकम हासिल किए जाने की जानकारी है। कर्नलगंज पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डॉ. रितु मोदी मनोविज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उनके मुताबिक, 28 सितंबर को उनका मोबाइल नंबर हैक किया गया। इसके बाद जालसाज ने उनकी पहचान का इस्तेमाल कर अलग व्हाट्सएप अकाउंट तैयार किया और परिचितों को मैसेज भेजने शुरू कर दिए। मैसेज में अलग-अलग कारण बताते हुए पैसों की मांग की गई। कुछ लोगों ने इसे शिक्षिका का मैसेज समझकर रकम भी भेज दी। मामले की जानकारी होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
तहरीर के साथ फर्जी अकाउंट से भेजे गए संदेशों की प्रतियां भी साक्ष्य के तौर पर उपलब्ध कराई गई हैं। शिक्षिका का कहना है कि अभी तक उनकी जानकारी में दो लोगों से उनके नाम पर भुगतान कराया जा चुका है। कर्नलगंज थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्रा ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। रकम भेजने वाले खातों, व्हाट्सएप अकाउंट और मैसेज की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके आधार पर जालसाज की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।