छात्रों का कहना है कि कोविड काल में जब छात्र तब अपने घरों में रह रहे थे, तब विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल के छात्रों पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया और जुर्माना न देने पर उनकी डिग्री एवं मार्कशीट रोक दी है।
हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों पर लगाए गए जुर्माने के खिलाफ छात्रों ने सोमवार को कुलपति कार्यालय का घेराव किया और वहां मुंडन कराकर पूरे परिसर में विरोध मार्च निकाला। छात्र मांग कर रहे हैं कि छात्रों पर लगाया गया 15 हजार रुपये का जुर्माना वापस लिया जाए।
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छात्रों का कहना है कि कोविड काल में जब छात्र तब अपने घरों में रह रहे थे, तब विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल के छात्रों पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया और जुर्माना न देने पर उनकी डिग्री एवं मार्कशीट रोक दी है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है कि कोविड के दौरान हॉस्टल बंद थे, लेकिन कई कमरों के ताले तोड़कर अवैध कब्जा कर लिया गया। ऐसे में छात्रों पर जुर्माना लगाया गया है। कुछ दिनों पहले इस मसले पर छात्रों और कुलपति के बीच वार्ता भी हुई थी। कुलपति ने जुर्माना वापस लेने से मना कर दिया था।
इसी मसले पर सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र कुलपति कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए और विरोध स्वरूप अपना सिर मुंडवा दिया। छात्रों ने कहा कि अगर जुर्माने का नोटिस वापस नहीं लिया गया और छात्रों की मार्कशीट एवं डिग्री जारी नहीं की गई तो उग्र आंदोलन होगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार होगा। इस मौके पर छात्र नेता अजय यादव सम्राट, चित्रांश सहाय, संजीत कुमार, प्रदीप पाल, आर्या वर्मा, शैलेश मौर्या, सत्यम कुशवाहा, अमर सिंह, हरिओम यादव, संदीप गुप्ता, प्रयास मिश्र, विजय सेन, राहुल, अभिषेक सिंह, विवेक सिंह आदि मौजूद रहे।