इलाहाबाद विवि के पुस्तकालय गेट पर प्रदर्शन करते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
कपड़े उतारकर पीटने का आरोप
मूल रूप से जौनपुर के सोनहिता, मछलीशहर निवासी अभिषेक गुप्ता एसएसएल हॉस्टल का अंत:वासी है। उसका आरोप है कि सोमवार शाम चार बजे के करीब उसे कुलानुशासक कार्यालय में बुलाया गया। वहां पहुंचने पर पीछे के केबिन में ले जाकर चीफ प्रॉक्टर डॉ. राकेश सिंह व असिस्टेंट प्रॉक्टर अतुल नारायण सिंह ने जमकर पीटा। साथ ही कपड़े उतरवाकर अश्लील हरकत की। यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी 11 जनवरी को उसे मारा पीटा गया था।
सोमवार को किया गया था सड़क जाम
हॉस्टल के छात्र से मारपीट और दुर्व्यवहार की शिकायत पर सोमवार को करीब 200 की संख्या में छात्र जुट गए और नारेबाजी शुरू कर दी। करीब छह बजे परिसर से बाहर निकलकर छात्र लाइब्रेरी गेट के सामने स्थित जवाहर लाल नेहरू रोड पर पहुंचे और वहीं धरने पर बैठते हुए सड़क जाम कर दिया था। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। सूचना पर कर्नलगंज एसीपी विवेक कुमार यादव आसपास के थानों की फोर्स लेकर पहुंच गए। उन्होंने छात्रों को समझाया लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए। चार घंटे तक बातचीत चलने और अफसरों के समझाने के बाद छात्र शांत हुए और फिर रात करीब 10 बजे प्रदर्शन खत्म कराकर यातायात बहाल कराया गया था
इलाहाबाद विवि के पुस्तकालय गेट पर प्रदर्शन करते छात्र।
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‘हत्या की रच रहा था साजिश’
इस मामले में असिस्टेंट प्रॉक्टर व एसएसएल हॉस्टल के सहायक अधीक्षक डॉ. अतुल नारायण सिंह की ओर से अंत:वासी अभिषेक गुप्ता पर खुद की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाकर तहरीर दी गई है। उन्होंने आरेाप लगाया है कि विगत दिनों इविवि एवं पुलिस प्रशासन के सहयोग से एसएसएल हॉस्टल में अवैध कब्जा हटवाया गया था। इसे लेकर अभिषेक एसएसएल फैमिली नाम के व्हाटसएप ग्रुप में लगातार उनके विरुद्ध साजिश एवं जान से मारने की योजना तैयार कर रहा है। सोमवार को एक मारपीट की घटना के क्रम में उसका निलंबन एवं छात्रावास से निष्कासन आदेश जारी किया गया।
इसे प्राप्त करने के क्रम में वह कुलानुशासक कार्यालय आया और चीफ प्रॉक्टर डॉ. राकेश सिंह एवं उप कुलानुशासक डॉ. विवेक कुमार द्विवेदी व सहायक कुलानुशासक डॉ. मृत्युंजय राव परमार के सामने ही उनसे अभद्र भाषा में बात करते हुए भयंकर परिणाम भुगतने की धमकी देने लगा। फाेन से सूचना देने पर पहुंचे चौकी प्रभारी विनय सिंह ने उसे प्राॅक्टर कार्यालय से बाहर भेजा। इससे पूर्व अमन सिंह एवं सौरभ मिश्रा की ओर से फोन पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।