इविवि के संघटक कॉलेजों में भी छात्र परिषद के चुनाव पर ग्रहण
इलाहाबाद डिग्री कॉलेज में आज पूरी होगी नाम वापसी की प्रक्रिया
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के साथ संघटक कॉलेजों में भी छात्र परिषद के चुनाव पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है। शुक्रवार को ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में केवल दो छात्र नेताओं ने नामांकन कराया। वहीं, सीएमपी डिग्री कॉलेज में नामांकन कराने वाले 36 में से तकरीबन 27 अभ्यर्थी ने अपने नाम वापस ले लिए। अब सबकी नजर इलाहाबाद डिग्री कॉलेज पर है, जहां 19 अक्तूबर को नामांकन होना है।
ईश्वर शरण में शुक्रवार सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक नामांकन के लिए समय निर्धारित किया गया था। इस दौरान बीए प्रथम वर्ष और एमए चतुर्थ सेमेस्टर से एक यानी कुल दो प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन पत्र की जांच, नाम वापसी और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 21 अक्तूबर को शाम चार बजे वैध प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में कक्षा प्रतिनिधियों के कुल 30 पद हैं।
वहीं, सीएमपी में शुक्रवार को तकरीबन नामांकन कराने वाले 27 अभ्यर्थियों अपने नाम वापस ले लिए। सीएमपी में नामांकन प्रपत्रों की जांच चल रही है। शनिवार सुबह 10 बजे तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और इसके बाद वैध प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी, जिसमें प्रत्याशियों की संख्या में परिवर्तन संभावित है। हालांकि दोनों ही कॉलेज में अब कक्षा प्रतिनिधियों का चुनाव खटाई में पड़ गया है और छात्र परिषद के पदाधिकारियों का चुनाव होता है या नहीं, यह वैध प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी होने के बाद तय होगा।
इविवि में एक अन्य प्रत्याशी ने भी पीछे हटाए कदम
इविवि में नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने मैदान में केवल दो प्रत्याशी वागीश शुक्ला और शबीहा खातून बचे हैं। शबीहा के नामांकन पर आपत्ति आई है। वहीं, अब वागीश ने अपने कदम पीछे हटा लिए हैं। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने बताया कि प्रत्याशी वागीश ने फोन पर अवगत कराया है कि उसे लगतार धमकियां मिल रही हैं कि वह अपना नाम वापस ले। चीफ प्रॉक्टर के अनुसार वागीश ने उन्हें व्हाट्सएप पर आवेदन भेजकर नाम वापसी की गुजारिश की है। इस आवेदन को उन्होंने चुनाव अधिकारी को फॉरवर्ड कर दिया है। वहीं, वागीश ने चुनाव अधिकारी को भी ईमेल भेजकर चुनाव न लड़ने की इच्छा जाहिर की है।
इविवि में कल स्पष्ट होगी स्थिति
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र परिषद चुनाव के वैध प्रत्याशियों की अंतिम सूची 20 अक्तूबर को शाम पांच बजे जारी की जाएगी। वैध प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि इविवि में छात्र परिषद का चुनाव होगा या नहीं।
पूर्व सांसद धर्मेंद्र ने कहा, छात्रसंघ की हुई जीत
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पूर्व छात्र एवं बदायूं के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव शुक्रवार को प्रयागराज आए और इविवि के छात्र नेताओं से मुलाकात की। सिविल लाइंस स्थित एक होटल में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि छात्र प्रतिनिधियों के 70 पदों के लिए केवल 17 छात्रों ने नामांकन कर और इनमें से भी 16 ने नाम वापस ले लिया। यह साबित करता है कि छात्रों को छात्र परिषद मंजूर नहीं है। आखिल इविवि में छात्रसंघ की जीत और कुलपति की हार हुई। उन्होंने छात्र परिषद का विरोध कर रहे छात्र नेताओं को भी बधाई दी। इस दौरान उदय प्रकाश यादव, अजीत यादव, अरविंद सरोज, अजीत विधायक, सुभाष यादव, राहुल पटेल, आशीष प्रताप यादव, आशीष अतरौलिया, अजय यादव आदि मौजूद रहे।
जेल में बंद साथियों से मिले छात्र, दी बधाई
संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तेल पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचासिंह, पूर्व महामंत्री सुरेश यादव, छात्र नेता हरिओम त्रिपाठी, नेहा यादव, आलोक त्रिपाठी समेत तमाम छात्र शुक्रवार को नैनी में बंद अपने साथी छात्र नेताओं से मिलने पहुंचे और छात्र परिषद के पूर्ण बहिष्कार में मिली सफलता पर साथियों को बधाई दी। इस दौरान जेल में बंद संयुक्त संघर्ष समिति के 50 सदस्यों को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया गया। पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव, महामंत्री शिवम सिंह, छात्र नेता सौरभ सिंह बंटी ने कहा कि यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं। छात्रों पर पड़ी एक-एक लाठी का हिसाब लिया जाएगा। उधर, संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से एसएसी को एक ज्ञापन सौंपा गया और छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले इविवि के सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
सीटू ने भी छात्रों को दी बधाई
छात्र परिषद के खिलाफ संघर्ष में मिली सफलता पर सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) ने छात्रों को बधाई दी है। पदाधिकारी हरिश्चंद्र द्विवेदी एवं अविनाश मिश्र ने छात्रों के कड़े संघर्ष एवं प्रयास को लाल सलाम पेश किया है। वहीं, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद चंद्र दुबे ने इविवि प्रशासन को अपनी मर्यादाओं में रहने की नसीहत देते हुए कहा है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या कर अपने स्वार्थों को साधना बंद करें, वरना परिणाम भयंकर होंगे।
Allahabad University Student Council Election- फोटो : CITY DESK