Allahabad University student council election
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में इस माह छात्र परिषद का चुनाव हो पाना मुश्किल है। अब तक आधे छात्र-छात्राओं के ही आईकार्ड बने हैं और यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वोटर लिस्ट तैयार की जाएगी। वोटर लिस्ट तैयार होने तक चुनाव के लिए इंतजार करना होगा।
हालांकि, इविवि प्रशासन चुनाव अधिकारी की नियुक्ति कर चुका है और छात्र परिषद के चुनाव की रूपरेखा भी तैयार कर चुका है। इविवि में पहली बार होने जा रहे छात्र परिषद के चुनाव को लेकर तनाव की स्थिति भी है। छात्र परिषद का विरोध किया जा रहा है, लेकिन एकेडमिक कौंसिल और एग्जीक्यूटिव कौंसिल में छात्रसंघ को समाप्त कर छात्र परिषद का मॉडल लागू किए जाने पर निर्णय लिया जा चुका है। विरोध और विवाद को देखते हुए इविवि प्रशासन ने तय किया था कि 20 अगस्त तक चुनाव करा दिए जाएंगे, लेकिन निर्धारित समयसीमा में चुनाव करा पाने की अब कोई संभावना नहीं बची है।
इविवि में अब तक पीजी के कई पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों को शुल्क रसीद मिलेगी और इसी आधार पर उनके आईकार्ड बनेंगे। इविवि में तकरीबन 25 हजार छात्र-छात्राएं हैं। इनमें से हर साल छह हजार नए छात्र-छात्राओं का इविवि में प्रवेश होता है। नए और पुराने सभी छात्रों के आईकार्ड बनाए जाते हैं। इविवि में पहली बार छात्र परिषद का चुनाव होने जा रहा है, सो नए के साथ पुराने छात्र-छात्राओं के लिए इस बार का चुनाव नया ही होगा। इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि आईकार्ड बनाने का काम तेजी से चल रहा है। प्रवेश समिति के निदेशक और परीक्षा नियंत्रक की ओर से छात्रों की सूची लगातार भेजी जा रही है। आधे आईकार्ड बनकर बंट चुके हैं और बाकी भी जल्द बन जाएंगे।