ऑनलाइन परीक्षाओं का सफल संचालन चुनौती
इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक द्वितीय वर्ष के छात्रों को प्रोन्नत करने और स्नातक तृतीय वर्ष की ऑनलाइन परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। दोनों प्रक्रिया एक से दो माह के भीतर पूरी होनी हैं। ऐसे में नए परीक्षा नियंत्रक एके कनौजिया के सामने ऑनलाइन परीक्षाओं का सफल संचालन कराना बड़ी चुनौती होगी।
इससे पूर्व मई के पहले सप्ताह से ऑफलाइन परीक्षाएं प्रस्तावित थीं। छात्र मांग कर रहे हैं कि ऑनलाइन परीक्षाएं भी पूर्व निधारित कार्यक्रम के अनुरूप आयोजित की जाएं, ताकि छात्र-छात्राएं अन्य संस्थानों में भी पीजी में दाखिले के लिए आवेदन कर सकें। अब नए परीक्षा नियंत्रक के नेतृत्व में ही परीक्षा समिति तय करेगी कि परीक्षाएं कब आयोजित की जाएं।
प्रो. रमेंद्र कुमार ने पद छोड़ने के लिए वीसी से किया था आग्रह
इविवि में अब तक परीक्षा नियंत्रक रहे प्रो. रमेंद्र कुमार सिंह ने स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने के लिए कुलपति से आग्रह किया था। प्रो. रमेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने वीसी से मौखिक एवं लिखित तौर पर आग्रह किया था कि उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया जाए। पद से मुक्त करने के लिए प्रो. रमेंद्र कुमार ने कुलपति के प्रति आभार व्यक्त किया है।
पांच माह बाद भी नहीं आए स्थायी परीक्षा नियंत्रक कैलाश बंसल
इविवि में स्थायी परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति पांच माह पहले ही हो चुकी है। अक्तबर-2021 में हुई कार्य परिषद की बैठक में स्थायी परीक्षा नियंत्रक पद के लिए भारतीय सेना में सेवारत लेफ्टिनेंट कर्नल कैलाश बसंल के नाम पर मुहर लगी थी।
हरियाणा निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल बंसल प्रयागराज के ओल्ड कैंट में वर्ष 2004 से 2007 तक तैनात रहे। वह जून 2018 से प्रति नियुक्ति पर ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन के निदेशक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर का कहना है कि लेफ्टिनेंट कर्नल बसंल ने पदभार ग्रहण करने के लिए कुलपति से समय मांगा है।