लॉकडाउन के दौरान भले ही इविवि बंद रहा हो, लेकिन इस दौरान परीक्षा नियंत्रक कार्यालय खुला रहा और 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को प्रोविजनल डिग्रियां बांटी जाती रहीं। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की ओर से 210 अभ्यर्थियों को प्रोविजनल डिग्री दी गई। हालांकि, शिक्षक भर्ती पर स्टे लग जाने से फिलहाल ये डिग्रियां अभ्यर्थियों के काम नहीं आ पा रही हैं।
शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की काउंसलिंग तीन से छह जून तक प्रस्तावित थी और अभ्यर्थियों को इसमें अपनी डिग्री भी प्रस्तुत करनी थी। जिन अभ्यर्थियों के पास डिग्री नहीं थी, उनके लिए इविवि का परीक्षा नियंत्रक कार्यालय खोल दिया गया था, ताकि अभ्यर्थियों को प्रोविजनल डिग्री उपलब्ध कराई जा सके। काफी मशक्कत के बाद प्रोविजनल डिग्री तो मिल गई, लेकिन नौकरी हाथ नहीं आई। प्रोविजनल डिग्री की वैधता छह माह के लिए होती है। अभ्यर्थियों को चिंता सता रही है कि अगर छह माह तक भर्ती फंसी रही तो उन्हें प्रोविजनल डिग्री के लिए फिर से मशक्कत करनी होगी। हालांकि इस बीच अभ्यर्थी चाहें तो मूल डिग्री के लिए आवेदन कर सकते हैं। मूल डिग्री आवेदन करने के दो माह बाद मिल जाती है और इससे अभ्यर्थियों की समस्या का स्थायी समाधान भी हो जाएगा।