इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के वीसी ने कहा कि वे इस्तीफा देने को हैं तैयार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने बिहार के एक विश्वविद्यालय में कुलपति रहते हुए भारी वित्तीय अनियमितता की। मामले में जांच भी चल रही है। अनियमितता का मामला सामने आने के बाद वह वापस इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ज्वाइनिंग चाहते थे, लेकिन यहां उन्हें ज्वाइन नहीं कराया गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बायो केमेस्ट्री विभाग में तैनात रहे प्रो. डीके गुप्ता को बिहार में जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा का कुलपति बनाया गया था, जिसके कारण उन्होंने इविवि से छुट्टी ले रखी थी। प्रो. गुप्ता की तैनाती के दौरान जयप्रकाश विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया और मामले में उनकी भूमिका को देखते हुए बिहार के गवर्नर ने उन्हें पद से हटाकर किसी दूसरे की कुलपति के पद पर नियुक्ति कर दी। मामले में जांच भी शुरू करा दी गई, लेकिन उन्हें रिलीव नहीं किया गया। बिना रिलीव हुए वह इलाहाबाद आ गए और इविवि में ज्वाइनिंग की मांग की लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें इलाहाबाद में ज्वाइन नहीं कराया। ज्वाइनिंग के मुद्दे पर प्रो. गुप्ता हाईकोर्ट चले गए। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय के नियमित शिक्षक हैं और उन पर वित्तीय अनियमितता का आरोप है, इसे देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शुक्रवार को प्रो. गुप्ता को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया।