23 दिसंबर तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकेगी और पांचवें सेमेस्टर के छात्र परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे। वहीं, प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थी महज एक माह की कक्षा के आधार पर परीक्षा में शामिल होंगे, जबकि एक सेमेस्टर की कक्षाएं छह माह तक चलनी चाहिए। छात्र इस मांग पर अड़े थे कि पहले एवं चौथे सेमेस्टर के विद्यार्थियों को प्रमोट किया जाए और प्रमोशन के बाद दूसरे एवं पांच सेमेस्टर में पहुंचने वाले छात्राओं की कक्षाएं जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू कराई जाएं, ताकि पांचवें सेमेस्टर की परीक्षाएं क्लैट के आयोजन से पहले हो सकें और छात्र क्लैट में शामिल हो सकें।
इस मांग पर लेकर छात्र शाम चार बजे तक परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर जुटे रहे। कुछ देर के लिए छात्रों ने वहां तालाबंदी भी की और विरोध में नारे लगाए। चार बजे के आसपास मौके पर चीफ प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार और डीन विधि संकाय प्रो. जेएस सिंह पहुंचे। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनके प्रत्यावेदन को परीक्षा समिति के समक्ष रखा जाएगा और परीक्षा समिति का जो निर्णय होगा, उसे लागू किया जाएगा। इसके बाद छात्र माने और धरना एवं घेराव समाप्त किया।
Prayagraj News : इविवि में विभिन्न मांगों कोे लेकर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर हंगामा करते छात्रों से वार्ता करते पुलिस और विवि प्रशासन के अधिकारी।
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स्नातक की परीक्षा के बाद अफसरों ने ली राहत की सांस
साइबर हमले की आशंका के बीच शुक्रवार को इविवि एवं संघटक कॉलेजों की बीए एवं बीएससी तृतीय वर्ष की परीक्षा के सफलतापूर्वक आयोजन के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। इससे पूर्व सर्वर में तकनीकी गड़बड़ी के कारण इविवि प्रशासन को पांच दिन की परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ गईं थीं। इविवि प्रशासन की ओर से दावा किया गया था कि साइबर हमले के कारण परीक्षाएं प्रभावित हुईं। इस मसले पर परीक्षा कराने वाली एजेंसी को भी बेहतर तैयारी करने के निर्देश दिए गए थे। इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर ने बताया कि परीक्षा के संचालन में न तो कोई बाधा आई और न ही कोई शिकायत। बाकी परीक्षाएं भी अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न कराई जाएंगी।