हॉस्टल का नाम बदलने के प्रस्ताव पर ऐतराज
0 हॉलैंड हॉल हॉस्टल के पुराछात्रों ने किया सांसद की मांग का विरोध
0 कहा, हॉस्टल का नाम ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा, छेड़छाड़ ठीक नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सांसद विनोद सोनकर की ओर से हॉलैंड हॉल हॉस्टल का नाम बदले जाने की मांग पर हॉस्टल के पुराछात्रों ने ऐतराज जताया है। हॉलैंड हॉल पुराछात्र एसोसिएशन के सचिव सुधीर सिंह ने पूर्व छात्रों के हवाले से कहा है कि यह नाम इस हास्टल की ऐतिहासिक विरासत के साथ जुड़ा है। इससे छेड़छाड़ करना ठीक नहीं है।
122 वर्ष पूर्व एक पादरी विलियम हॉलैंड ने एक-एक ईंट जुटा कर इस हॉस्टल का निर्माण कराया था। उनके दिवंगत होने के बाद इस हॉस्टल को उनका नाम पर दिया गया। देश की पहली हवाई डाक सेवा की पहली उड़ान से प्राप्त शुल्क का योगदान भी इसमें शामिल है, जिसमें विलियम हॉलैंड का भी बड़ा योगदान था। इस हॉस्टल की वैधता शहीदे आजम भगत सिंह के साथ भी जुड़ी है, जो स्वाधीनता संघर्ष के दौर में यहां आते थे। जब इसकी ऐतिहासिक वैधता को बनाए रखने और इसे अव्यवस्था से मुक्त करने की जरूरत है तब इसका नाम ही बदल देने की कोशिश चिंता का विषय है। पुराछात्र एसोसिएशन के अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस शैलेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व राजदूत वीबी सोनी, भारत सरकार के सचिव रहे हरीश चंद्रा, पूर्व आईपीएस शांतनु मुखर्जी, उत्तराखंड के पूर्व प्रमुख सचिव नृप सिंह नपलच्याल, पूर्व आईएएस मधुकर द्विवेदी, बुद्धि सागर दुबे सहित कई पुराछात्रों ने ऐसी कोशिशों के प्रति सख्त ऐतराज जताया है।