प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक महाविद्यालयों की स्नातक वार्षिक परीक्षाएं तीन मार्च से शुरू होने जा रही हैं। इसमें 40 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा समिति ने इस बार कई अहम बदलाव किए हैं। नकल करते हुए पकड़े जाने पर दो नहीं, बल्कि एक साल के लिए डिबार किया जाएगा। बीए, बीएससी, बीकॉम, बीएफए सहित स्नातक की सभी परीक्षाओं के परिणाम 30 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।
पिछले सत्र 2018-19 में इविवि वार्षिक परीक्षाओं में नकल करते हुए 159 छात्र-छात्राओं को पकड़ा गया। सभी को डिबार कर दिया गया था। पहले दो वर्ष के लिए डिबार किए जाने का प्रावधान था, जिसमें बदलाव किया गया है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र सिंह ने बताया कि अब एक साल के लिए डिबार किया जाएगा। परीक्षा नियंत्रक के अनुसार नकल के मामलों में तेजी से कमी आ रही है। सत्र 2017-18 की परीक्षा में तीन सौ से अधिक विद्यार्थी नकल करते हुए पकड़े गए थे।
परीक्षा नियंत्रक के अनुसार तीन मार्च से शुरू हो रहीं परीक्षाएं दो पालियों में होंगी। सुबह सात से दस बजे की पाली में स्नातक प्रथम एवं तृतीय वर्ष और अपराह्न 2.30 से शाम 5.30 बजे की पाली में स्नातक द्वितीय वर्ष और बीकॉम के सभी खंडों की परीक्षा होगी। गर्मी में छात्र-छात्राओं को दिक्कत न हो, सो टाइम टेबल इस तरह से बनाया गया है कि दोपहर वाली पाली की परीक्षा 21 अप्रैल को समाप्त हो जाएगी और सुबह वाली पाली की परीक्षा एक मई को समाप्त होगी।
परीक्षा में शामिल होने वाले 40 हजार विद्यार्थियों में 13 हजार इविवि के हैं और बाकी विद्यार्थी संघटक महाविद्यालयों के हैं। इविवि के 13 हजार विद्यार्थियों में सात हजार छात्र और छह हजार छात्राएं हैं। परीक्षा के पहले दिन तीन मार्च को सुबह की पाली में तीन हजार और शाम की पाली में 3800 विद्यार्थी शामिल होंगे। 31 मार्च तक औसतन प्रतिदिन आठ हजार और अप्रैल में प्रतिदिन सात हजार विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इविवि में परीक्षा के लिए अधिकतम आठ केंद्र बनाए गए हैं। न्यूनतम पांच केंद्रों में रोज परीक्षा होगी।
कॉपियों के मूल्यांकन का समय निर्धारित
- इस बार परीक्षा के बाद कॉपियों के मूल्यांकन निर्धारित कर दिया गया है। दरअसल, पिछले साल दो शिक्षक कॉपियों मिलने के बाद विदेश चले गए थे और वहां से लौटने के बाद मूल्यांकन किया। जिसकी वजह से दो विषयों के रिजल्ट फंस गए और देर से जारी किए गए। ऐसे में इविवि प्रशासन को मूल्यांकन के लिए समय सीमा तय करनी पड़ी, जिसके अनुसार थ्योरी की कॉपी मिलने के बाद उसका मूल्यांकन अधिकतम तीन सप्ताह, प्रयोगात्मक परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन एक सप्ताह और आंतरिक मूल्यांकन सेमेस्टर परीक्षा क कॉपियों का मूल्यांकन एक सप्ताह में करके अवार्ड शीट परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी।
पिछली बार बनी थीं 500 प्रोविजनल मार्कशीट
- पिछली बार इविवि प्रशासन को पांच सौ प्रोविजनल मार्कशीट बनाकर छात्रों को देनी पड़ी थी। दरअसल, ऐसे विद्यार्थियों को बीएड में प्रवेश लेना था और मार्कशीट समय से तैयार नहीं हो सकी थी। परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र सिंह का कहना है कि इस बार विद्यार्थियों को किसी तरह की दिक्कत न हो, सो समय से रिजल्ट और मार्कशीट जारी करने के लिए तमाम बदलाव किए गए हैं। पिछली बार आठ मार्च से परीक्षाएं शुरू हुईं थीं और इस बार पांच दिन पहले तीन मार्च से परीक्षाएं शुरू कराई जा रही हैं।
हर कॉलेज में परीक्षा सेल
परीक्षा के संचालन में कोई दिक्कत न हो, सो इविवि समेत प्रत्येक संघटक महाविद्यालय में भी परीक्षा सेल खोल दिया गया है। परीक्षा नियंत्रक के अनुसार परीक्षा सेल इंचार्ज एवं प्राचार्यों का एक व्हाट्स एप ग्रुप भी मनाया गया है, ताकि परीक्षा के दौरान कोई समस्या आए तो उसका त्वरित निस्तारण हो। इसके अलावा ईमेल के माध्यम से भी इविवि प्रशासन कॉलेजों के संपर्क में रहेगा।
शिक्षकों, कर्मचारियों को परीक्षा ड्यूटी से छूट नहीं
इविवि के परीक्षा नियंत्रक के मुताबिक किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को परीक्षा ड्यूटी से छूट नहीं मिलेगी। अगर कोई विशेष कारण से ड्यूटी कर पाने में असमर्थ है तो उसे अपना विकल्प देना होगा। इविवि में स्टाफ की कमी है और सेंटर सुप्रीटेंडेंट के लिए शिक्षक होना अनिवार्य है। ऐसे में ड्यूटी करनी ही होगी।
उड़नदस्ते में केवल शिक्षक, गेस्ट फैकल्टी
नकल पर निगरानी के लिए उड़नदस्ते का भी गठन किया गया है। इसमें केवल शिक्षक और गेस्ट फैकल्टी को शामिल किया गया है। पहले इसमें शोधार्थियों को भी रख लिया जाता था लेकिन इविवि प्रशासन ने अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी है। इसके अलावा ओएसडी की एक टीम रहेगी, जो परीक्षा नियंत्रक के नेतृत्व में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेगी।
परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में जमा होगी नकल सामग्री
अगर कोई विद्यार्थी नकल में पकड़ा जाता है तो उसे तत्काल दूसरी ‘अ’ उत्तरपुस्तिका उपलब्ध कराई जाएगी और उसके आवरण पर ‘अ’ कॉपी यूएफएम अंकित किया जाएगा। प्रथम ‘अ’ उत्तरपुस्तिका एवं नकल सामग्री मूलरूप से लोकर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में जमा कराई जाएगी।
दस से अधिक नकल के मामलों में निरस्त होगी परीक्षा
- एक परीक्षा केंद्र पर 10 से अधिक नकल के मामले सामने आते हैं तो परीक्षा की शुचिता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। ऐसे में उड़नदस्ते की आख्या के आधार पर उस केंद्र की परीक्षा निरस्त करने के लिए परीक्षा समिति को संदर्भित किया जा सकता है।
पाल्य परीक्षा दे रहें हैं गोपनीय कार्य नहीं करेंगे शिक्षक
परीक्षा नियंत्रक के अनुसार जिन अध्यापकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के पाल्य परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, वे संबंधित विषयों की परीक्षा के गोपनीय कार्य से मुक्त रखे जाएंगे।
कक्ष निरीक्षक भी नहीं करेंगे मोबाइल का प्रयोग
परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाने एवं प्रयोग करने पर उसे नकल की श्रेणी में शामिल किया जाएगा और कार्रवाई होगी। परीक्षा कक्ष के भीतर कोई कक्ष निरीक्षक भी मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करेगा।