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इलाहाबाद विश्वविद्यालय : संसद में गूंजा छात्रसंघ बहाली का मुद्दा, 500 दिनों से जारी है आंदोलन

Fri, 03 Dec 2021 08:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

सांसद विशंभर प्रसाद ने कहा कि इविवि के छात्रसंघ ने देश को तमाम राजनेता, शिक्षाविद, संविधानविद आदि दिए हैं। उन्होंने इविवि से जुड़े जनेश्वर मिश्र, मोहन सिंह, बृजभूषण तिवारी, वीपी सिंह, चंद्रशेखर, शंकर दयाल शर्मा, गोपाल स्वरूप पाठक, सूर्य बहादुर थापा, गुलजारी लाल नंदा जैसे चर्चित नाम भी गिनाए।
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prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय। - फोटो : prayagraj
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर जारी आंदोलन के 500वें दिन यह मुद्दा संसद में गूंजा। शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य विशंभर प्रसाद निषाद ने राज्यसभा में मुद्दा उठाते हुए कहा कि असांविधानिक ढंग से छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाई गई है। इसे हर हाल में बहाल होना चाहिए। वहीं, राजसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव ने समर्थन करते हुए कहा कि छात्रसंघ पर पाबंदी लगाने का मतलब क्या है। यह लीडरशिप पैदा करने की नर्सरी है और आप लोग इसे बंद किए जा रहे हैं।

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सांसद विशंभर प्रसाद ने कहा कि इविवि के छात्रसंघ ने देश को तमाम राजनेता, शिक्षाविद, संविधानविद आदि दिए हैं। उन्होंने इविवि से जुड़े जनेश्वर मिश्र, मोहन सिंह, बृजभूषण तिवारी, वीपी सिंह, चंद्रशेखर, शंकर दयाल शर्मा, गोपाल स्वरूप पाठक, सूर्य बहादुर थापा, गुलजारी लाल नंदा जैसे चर्चित नाम भी गिनाए। कहा कि इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्र संघ बहाली के लिए 500 दिनों से छात्र-छात्राएं अनवरत आंदोलनरत हैं। दीक्षांत समारोह पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री विश्वविद्यालय में आए थे।

छात्र अपने हाथों में फूल लेकर उनसे मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। बाद में छात्रों की सर्किट हाउस में मंत्री से मुलाकात हुई तो उन्होंने छात्रसंघ बहाली का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ का गौरवशाली इतिहास रहा है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने असांविधानिक तरीके से छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा रखी है। उन्होंने मांग की कि छात्रसंघ बहाली शीघ्र की जाए।

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