पीएचक्यू के पास हुई बमबाजी करने वालों का कनेक्शन निकला हॉस्टल से
कुछ दिनों पहले पीएचक्यू के सामने हुई बमबाजी इसका जीता-जागता उदाहरण है, जिसमें पकड़े लोगों पर पहले से मुकदमे दर्ज थे और उनका कनेक्शन हॉलैंड हाल हॉस्टल से निकला। हालांकि, पुलिस की छानबीन में यह बात सामने आई कि इनमें से कोई भी विश्वविद्यालय का छात्र नहीं है और न ही हॉस्टल का वैध अंत:वासी है। इन सभी का हॉस्टल के कमरों पर अवैध कब्जा है। ऐसे ही दबंगों की अगुवाई में कोचिंग और दुकानों से वसूली भी की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों लूकरगंज स्थित एक वाहन एजेंसी में पैसे के लेनदेन के विवाद में हुई तोड़फोड़ का मुख्य आरोपी वर्ष 2012 में विश्वविद्यालय छोड़ चुका है, इसके बावजूद हॉस्टल के कई कमरों पर उसका कब्जा है और उन कमरों से आपराधिक गतिविधियों को लगातार अंजाम दिया जा रहा है। यही वजह है कि हॉस्टल के वैध अंत:वासी भी आए दिन हो रहे बवाल से त्रस्त होकर हॉस्टल छोड़कर जाने लगे हैं।
‘विश्वविद्यालय को एसएसपी का कोई पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। अगर विश्वविद्यालय के किसी छात्र के बारे में किसी भी प्रकार की शिकायत आती है तो विश्वविद्यालय की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।’ डॉ. जया कपूर, पीआरओ, इविवि