इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में वर्षों से जमे अवैध अंत:वासियों के खिलाफ कार्रवाई सोमवार से हो सकती है लेकिन यह अभियान पूरी तरह से सफल होगा इसे लेकर अफसरों को ही आशंका है। इसीलिए पूर्व के अनुभवों को देखते हुए पुलिस फोर्स की उपलब्धता के बाद कार्रवाई के लिए हॉस्टल का नाम तय करने का निर्णय लिया गया है। विवि प्रशासन ने सोमवार से रेड का निर्णय लिया है। इस बाबत हॉस्टलों में छात्रों को सूचना भेज दी गई है लेकिन इसी दिन पौष पूर्णिमा का स्नान पर्व है। इसलिए रेड के लिए फोर्स मिल पाएगी इस पर आशंका है।
ऐसे में अभियान को पहले दिन ही झटका लग सकता है। इसके अलावा पिछले साल पर्याप्त संख्या में फोर्स नहीं मिलने की वजह से विश्वविद्यालय प्रशासन हॉस्टल में घुस ही नहीं पाया तो कई में उसे बिना कार्रवाई वापस होना पड़ा था। इसलिए इस बार अफसरों ने तय किया है कि फोर्स की उपलब्धता के बाद ही निर्णय लिया जाएगा कि किस हॉस्टल में कार्रवाई के लिए जाना है। पर्याप्त संख्या में फोर्स नहीं मिली तो बड़े तथा विवादित हॉस्टल में कार्रवाई नहीं होगी। डीएसडब्ल्यू प्रो. जगदम्बा सिंह का कहना है कि छात्रावासों में रेड की तैयारी की गई है। फोर्स उपलब्ध हो गई तो सोमवार से ही कार्रवाई की जाएगी। अन्यथा, मंगलवार से रेड डाली जाएगी।
हॉस्टल प्रशासन के सामने छात्रों से फीस जमा कराने की भी चुनौती है। बड़ी संख्या में छात्रों ने फीस जमा नहीं की है। इसका मुख्य कारण अवैध कब्जा है। ज्यादातर हॉस्टलों में कमरा किसी के नाम एलाट है और रह कोई और रहा है। ऐसे ‘दबंग’ अब उन छात्रों को ढूंढ़ रहे हैं जिनके नाम पर कमरा एलाट है। फीस जमा करने के साथ रेड के दौरान भी उन छात्रों को हॉस्टल में मौजूद रहना होगा। इसकी वजह से फीस जमा करने में देरी हो रही है।