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इलाहाबाद विश्वविद्यालय : अनशन कर रहे छात्र की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में कराया गया भर्ती

Thu, 09 Dec 2021 10:22 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

पीआरओ के मुताबिक कोविड के कारण हॉस्टल बंद कर दिए गए थे। छात्र अपने घरों को लौट गए थे। इसके बाद हॉस्टल के कमरों के ताले तोड़ दिए गए और वहां अवैध कब्जा हो गया। हॉस्टल के अधीक्षकों से रिपोर्ट मांगी गई, जिसके अनुसार जुलाई 2020 से जून 2021 तक 1097 छात्रों ने हॉस्टल के कमरों पर अवैध कब्जा किया।
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Prayagraj News : इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अनशन कर रहे छात्र की हालत बिगड़ गई। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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कोविड कॉल में इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के हॉस्टलों में रहे छात्रों को 15-15 हजार रुपये जमा करने का नोटिस जारी किया गया है। धनराशि जमा न करने वाले छात्रों की डिग्री और मार्कशीट रोक ली गई है। मामले में विवाद बढ़ा तो इविवि प्रशासन ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया किया छात्रों से जुर्माना नहीं, बल्कि कोविडकाल में हॉस्टल में रहने के दौरान उपभोग की गई सुविधाओं के लिए यूजर चार्ज लिया जा रहा है। वहीं, इसके विरोध में छात्रों दो दिनों से आमरण अनशन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को दो छात्रों की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन्हें बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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इस मसले पर पूर्व में छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव से मुलाकात की थी। छात्रों का कहना था कि कोविडकाल के दौरान हॉस्टल बंद थे और छात्र वहां नियमित रूप से नहीं रह रहे थे। ऐसे में 15 हजार रुपये जमा करने का नोटिस वापस लिया जाए।

छात्र इसे जुर्माना बताकर लगातार विरोध कर रहे हैं। वे डिग्री एवं मार्कशीट जारी करने की मांग पर अड़े हैं। परिसर में इस मसले पर आए दिन हंगामा हो रहा है। मामला बढ़ने पर बृहस्पतिवार को इविवि प्रशासन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुला ली। डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह और चीफ प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार की मौजूदगी में पीआरओ डॉ. जया कपूर ने स्पष्ट किया कि छात्र जिसे जुर्माना या अर्थदंड बता रहे हैं, वह यूजर चार्ज है।

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पीआरओ के मुताबिक कोविड के कारण हॉस्टल बंद कर दिए गए थे। छात्र अपने घरों को लौट गए थे। इसके बाद हॉस्टल के कमरों के ताले तोड़ दिए गए और वहां अवैध कब्जा हो गया। हॉस्टल के अधीक्षकों से रिपोर्ट मांगी गई, जिसके अनुसार जुलाई 2020 से जून 2021 तक 1097 छात्रों ने हॉस्टल के कमरों पर अवैध कब्जा किया। इस दौरान हॉस्टल आवंटित नहीं किए गए थे, लेकिन छात्रों ने हॉस्टल की सुविधाओं को पूरा इस्तेमाल किया। रूम रेंट, मेंटेनेंस चार्ज, बिजली, समर चार्ज के मद में अधिकतम 15 हजार रुपये प्रति छात्र यूजर चार्ज निर्धारित किया गया है।

अगर हॉस्टल आवंटित किए जाते तो छात्र इससे अधिक धनराशि फीस के रूप में जमा करते। छात्र जितने समय हॉस्टल में रहे, उसी के अनुसार यूजर चार्ज निर्धारित किया गया है। न्यूनतम यूजर चार्ज पांच हजार और अधिकतम 15 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। हालांकि ज्यादातर छात्रों को 15 हजार रुपये जमा करने हैं। उधर, इसके विरोध में छात्रों का आमरण अनशन जारी रहा। अनशन पर बैठे विश्वजीत सिंह और संजीत कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिन्हें बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया। डीएसडब्ल्यू ऑफिस पर जारी अनशन में हरिओम यादव, आलोक सिंह, अभय यादव, विजय सेन सिंह समेत 53 छात्र शामिल हैं। 
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