पीआरओ के मुताबिक कोविड के कारण हॉस्टल बंद कर दिए गए थे। छात्र अपने घरों को लौट गए थे। इसके बाद हॉस्टल के कमरों के ताले तोड़ दिए गए और वहां अवैध कब्जा हो गया। हॉस्टल के अधीक्षकों से रिपोर्ट मांगी गई, जिसके अनुसार जुलाई 2020 से जून 2021 तक 1097 छात्रों ने हॉस्टल के कमरों पर अवैध कब्जा किया। इस दौरान हॉस्टल आवंटित नहीं किए गए थे, लेकिन छात्रों ने हॉस्टल की सुविधाओं को पूरा इस्तेमाल किया। रूम रेंट, मेंटेनेंस चार्ज, बिजली, समर चार्ज के मद में अधिकतम 15 हजार रुपये प्रति छात्र यूजर चार्ज निर्धारित किया गया है।
अगर हॉस्टल आवंटित किए जाते तो छात्र इससे अधिक धनराशि फीस के रूप में जमा करते। छात्र जितने समय हॉस्टल में रहे, उसी के अनुसार यूजर चार्ज निर्धारित किया गया है। न्यूनतम यूजर चार्ज पांच हजार और अधिकतम 15 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। हालांकि ज्यादातर छात्रों को 15 हजार रुपये जमा करने हैं। उधर, इसके विरोध में छात्रों का आमरण अनशन जारी रहा। अनशन पर बैठे विश्वजीत सिंह और संजीत कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिन्हें बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया। डीएसडब्ल्यू ऑफिस पर जारी अनशन में हरिओम यादव, आलोक सिंह, अभय यादव, विजय सेन सिंह समेत 53 छात्र शामिल हैं।