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इविविः दीक्षांत के बाद अब स्थापना दिवस की चुनौती

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राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने शामिल होने के लिए दी सहमति
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23 सितंबर को होगा इलाहाबाद विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह
प्रयागराज। दीक्षांत समारोह के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन के लिए अब स्थापना दिवस समारोह का आयोजन चुनौती बन सकता है। इविवि के 133वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने के लिए राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने अपनी सहमति दे दी है। स्थापना दिवस समारोह 23 सितंबर को सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा।
पिछले पांच सितंबर को हुए दीक्षांत समारोह को लेकर इविवि प्रशासन को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए उत्तराखंड की गवर्नर बेबी रानी मौर्य ने अपनी सहमति दे दी थी, लेकिन बाद में अचानक उन्होंने अपना कार्यक्रम निरस्त कर दिया। छात्रों ने भी राज्यपाल को पत्र भेजकर दीक्षांत समारोह में शामिल न होने का अनुरोध किया था। समारोह में डीजीपी ओपी सिंह को मानद उपाधि दी जानी थी, लेकिन उन्होंने भी मानद उपाधि लेने से इनकार कर दिया और कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
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अब 23 सितंबर को इलाहाबाद विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस है। इसके लिए इविवि प्रशासन भव्य समारोह की तैयारी कर रहा है। समारोह में शामिल होने के लिए कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू की ओर से राजस्थान के गवर्नर कलराज मिश्र को आमंत्रण भेजा गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। इविवि प्रशासन को उनका स्वीकृति पत्र मिल चुका है। विश्वविद्यालय प्रशासन से मिनट टू मिनट कार्यक्रम की सूचना भी मांगी गई है। साथ ही मंच पर उपस्थित रहने वाले अतिथियों के बारे में पूछा गया है। माना जा रहा है कि इस मौके पर नए रंग रूप में तैयार विजयनगरम हॉल का उद्घाटन भी कराया जा सकता है।
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गौरतलब है कि पिछले साल 132वें स्थापना दिवस समारोह में कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद तमाम छात्र काले कपड़े पहनकर समारोह में पहुंचे थे और उन्होंने सांकेतिक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया था। समारोह के दौरान कई बार कुलपति के विरोध में नारे भी लगे थे। वहीं, पांच सितंबर को हुए दीक्षांत समारोह के दौरान भी छात्रसंघ भवन के सामने कुलपति का विरोध हुआ था और कई छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। ऐसे में इस बार स्थापना दिवस पर भी विरोध की होने की आशंका जताई जा रही है।
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