इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सिर्फ ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा ही होगी। कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हंगलू ने स्पष्ट किया कि ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का विकल्प दिए जाने पर किसी तरह का विचार नहीं किया जा रहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मानव संसाधन मंत्रालय (एमएचआरडी) या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का फैसला है तो एकेडमिक काउंसिल की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
सिर्फ ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा पर कालेज प्राचार्यों और शिक्षकाें ने आशंका जताई है। इसके अलावा ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प दिए जाने की मांग को लेकर छात्र-छात्राएं भी आंदोलनरत हैं। शनिवार को प्रेसवार्ता में इस बाबत पूछे गए सवाल पर कुलपति ने सभी तर्क नकार दिए। विश्वविद्यालय में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा, पीजीएटी, क्रेट आदि में भी वस्तुनिष्ट आधारित प्रश्नपत्र बनाने समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। विश्वविद्यालय की नियमावली के अनुसार इन बदलावों से पहले एकेडमिक कउंसिल की अनुमति अनिवार्य है लेकिन कुलपति ने इस तरह की किसी बाध्यता से इंकार किया। उन्होंने कहा कि एकेडमिक काउंसिल सिलेबस आदि मुद्दों पर चर्चा के लिए है। ऐसे फैसलों में उसकी भूमिका नहीं है।