फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इविवि की प्रवेश परीक्षाएं 21 सितंबर से

Tue, 28 Jul 2020 10:44 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
allahabad university - फोटो : प्रयागराज
विज्ञापन
  •  प्रवेश परीक्षा न हो पाने की स्थिति में मेरिट के आधार पर होंगे दाखिले
  • अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं भी सितंबर में कराने का निर्णय
  • वार्षिक, सेमेस्टर परीक्षाएं न होने पर औसत अंकों के आधार पर होंगे उत्तीर्ण

विज्ञापन

प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक महाविद्यालयों में नए सत्र में प्रवेश के लिए परीक्षाएं 21 से 30 सितंबर तक आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाएं भी सितंबर में होंगी। प्रवेश परीक्षा न हो पाने की स्थिति में छात्र-छात्राओं के प्रवेश मेरिट के आधार पर लिए जाएंगे और वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षा नहीं हो सकी तो छात्र-छात्राओं को पिछली परीक्षाओं में मिले अंकों के औसत के आधार पर उत्तीर्ण घोषित कर दिया जाएगा।

इविवि के कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने बताया कि एक अगस्त से प्रस्तावित प्रवेश परीक्षाए कोविड-19 के कारण स्थगित कर दी गई हैं। प्रवेश परीक्षाएं अब 21 वसे 30 सितंबर तक आयोजित की जाएंगी। अगर तब तक हालात सामान्य नहीं हो पाते हैं और परीक्षा कराने की स्थिति नहीं बनती है तो केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी से अनुमति लेकर मेरिट के आधार के आधार पर छात्र-छात्राओं के प्रवेश लिए जाएंगे। कुलपति प्रो. तिवारी ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि स्नातक अंतिम वर्ष एवं परास्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं भी सितंबर में ही आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा कार्यक्रम तैयार है। परीक्षाएं सितंबर में शुरू कराकर इसी माह में पूरी करा दी जाएंगी। इसके लिए पेपर के प्रारूप और परीक्षा के समय में संशोधन किया गया है। 
विज्ञापन


कुलपति ने बताया कि परीक्षा समिति की चार मई को हुई बैठक में वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाओं को लेकर जो निर्णय हुआ था, परीक्षाएं उसी आधार पर होंगी अगर किन्हीं कारणों से परीक्षा करा पाने की स्थिति बनी बनती है तो पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को पिछली परीक्षाओं में मिले अंकों के औसत के आधार पर उत्तीर्ण घोषित कर दिया जाएगा। वहीं, प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को द्वितीय वर्ष और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को तृतीय वर्ष की कक्षाएं अटेंड करने की अनुमति दी जाएगी। भविष्य में हालात सुधरने पर विद्यार्थियों को अपनी पुरानी कक्षाओं की परीक्षा देनी होगी। नव प्रवेशित छात्रों के लिए प्रथम वर्ष की कक्षाओं का संचालन प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू किया जाएगा। 

प्रवेश परीक्षा का कार्यक्रम
21 सितंबर - बीएससी मैथ्स, बीएससी बायो, बीकॉम, बीएससी होम साइंस
22  सितंबर - बीए/बीएफए/बीपीए, बीएएलएलबी
28 सितंबर - एलएलबी 
29 सितंबर - पीजीएटी-1, एलएलएम, एमकॉम
30 सितंबर - पीजीएटी-2 एवं इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के विभिन्न पाठ्यक्रम


पेपर अच्छ नहीं हुआ तो दोबारा दे सकेंगे परीक्षा
कोविड-19 के मद्देनजर केवल मौजूदा सत्र के लिए व्यवस्था की गई है कि अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों का पेपर अगर अच्छा नहीं होता है और वह किसी पेपर में फेल हो जाते हैं तो उन्हें दोबारा उसी प्रश्रपत्र की परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया जाएगा। 


कम होगी सवालों की संख्या
अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं में सवालों की संख्या घटाई जाएगी। साथ ही परीक्षा की अवधि भी कम की जाएगी। तीन घंटे की जगह दो घंटे की परीक्षा होती है। अमूमन दिन में दो पालियों में परीक्षाएं होती हैं। जरूरत पड़ी तो तीन पालियों में परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।


कोरोना से डरने नहीं, लडने की जरूरत है। इविवि के संचालन में छात्रों के सहयोग की जरूरत है। मेरी कई छात्रों से बात हुई है और वे परीक्षा कराने के पक्ष में हैं, ताकि  कहीं भी मार्कशीट लेकर जाएं तो मजबूती के साथ अपना दावा प्रस्तुत कर सकें। छात्रों के भविष्य और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है। -प्रो. आरआर तिवारी, कुलपति, इविवि 



नहीं मिला जवाब तो इविवि को जारी होगा समन

  • पत्र का जवाब न मिलने पर पिछड़ा वर्ग आयोग ने दी चेतावनी
  • आवेदन शुल्क मामले में आयोग ने इविवि को भेजा एक और पत्र


प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की प्रवेश परीक्षाओं में सामान्य और ओबीसी अभ्यर्थियों से एक समान आवेदन शुल्क लिए जाने के मामले को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने गंभीरता से लिया है। मामले में आयोग की तरफ से जवाब तलब किए जाने के बावजूद इविवि प्रशासन की ओर से कोई जवाब न दिए जाने पर आयोग ने इविवि प्रशासन को एक और पत्र जारी करते हुए चेतावनी दी है कि एक सप्ताह में जवाब नहीं मिला तो आयोग इविवि के अफसरों के खिलाफ समन जारी कर देगा। हालांकि इविवि के अफसरों का कहना है कि जवाब समय से भेज दिया गया है और बुधवार को आयोग को पत्र भेजकर इस बारे में अवगत करा दिया जाएगा।


इविवि के पूर्व छात्र राघवेंद्र यादव ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में शिकायत की थी कि इविवि की प्रवेश परीक्षा में सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों से एक समान आवेदन शुल्क लिया जाता है। जबकि अन्य विश्वविद्यालयों में ओबीसी अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क में रियायत दी जाती है। इस पर आयोग ने इविवि प्रशासन से जवाब मांगा था। इविवि प्रशासन ने देश के कुछ प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों का हवाला देते हुए आयोग को जवाब भेजा था कि इन संस्थानों में भी सामान्य एवं ओबीसी अभ्यर्थियों से एक समान आवेदन शुल्क लिया जाता है। इस जवाब से शिकायतकर्ता के संतुष्ट न होने पर आयोग ने इविवि प्रशासन को एक और पत्र जारी किया और इस बार कहा कि मामले में उचित कार्यवाही करते हुए एक सप्ताह में एक्शन टेकन रिपोर्ट आयोग को भेजें।


आयोग ने 27 जुलाई को इविवि को तीसरा पत्र जारी करते हुए कहा कि इविवि प्रशासन की ओर से अब तक एक्शन टेकन रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। आयोग ने निर्देश दिए है कि पत्र प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट आयोग को भेज दी जाए। आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसे समन जारी करने का अधिकार है। अगर रिपोर्ट नहीं भेजी गई तो आयोग समन जानी करते हुए इविवि के प्रतिनिधि को इस मामले में आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश भी दे सकता है। उधर, इविवि के पीआरओ डॉ. शैलेंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि आयोग को एक्शन टेकन रिपोर्ट समय से भेजी जा चुकी है। ई-मेल और पंजीकृत डाक से रिपोर्ट भेजी गई है। इविवि प्रशासन के पास इसकी रसीद है। बुधवार को इस बारे में आयोग को पत्र लिखकर अवगत करा दिया जाएगा।

विज्ञापन


 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें