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इलाहाबाद विवि : PCS मुख्य परीक्षा में विषय हटने से भी घटी बीए की मांग, परंपरागत विषयों के प्रति कम हो रही रुचि

Mon, 16 Oct 2023 01:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इविवि के संघटक इलाहाबाद डिग्री कॉलेज, ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज, श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय एवं अन्य कॉलेजों में बीए में दाखिले की खिड़की सभी के लिए खोल दी गई है। यहां तक कि कुछ काॅलेजों में तो उन अभ्यर्थियों को भी प्रवेश दिए जा रहे हैं, जो सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट में शामिल ही नहीं हुए।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में इस बार बीए की 15 फीसदी सीटें खाली रह गईं। कॉलेजों में हालत और खराब है। संघटक महाविद्यालयों में तो 50 फीसदी तक सीटें खाली पड़ी हैं। इसके पीछे कई कारण माने जा रहे हैं, जिनमें से एक कारण पीसीएस मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषयों को हटाए जाना है।

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इविवि के संघटक इलाहाबाद डिग्री कॉलेज, ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज, श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय एवं अन्य कॉलेजों में बीए में दाखिले की खिड़की सभी के लिए खोल दी गई है। यहां तक कि कुछ काॅलेजों में तो उन अभ्यर्थियों को भी प्रवेश दिए जा रहे हैं, जो सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट में शामिल ही नहीं हुए।

यह हालत उन कॉलेजों की है, जहां छात्र इसी सपने के साथ दाखिला लेते हैं कि यहां से आईएएस या पीसीएस अफसर बनकर निकलेंगे। स्नातक और खासतौर पर बीए में दाखिला लेने वाले छात्र स्नातक की तीन साल की पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी करते हैं और अर्हता पूरी होते ही आईएएस एवं पीसीएस की परीक्षा देना शुरू कर देते हैं।

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कभी आईएएस, पीसीएस के लिए चयनित होते थे छात्र

इविवि में मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. योगेश्वर तिवारी भी मानते हैं कि पीसीएस मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषयों को हटा दिए जाने से छात्रों का बीए के प्रति रुझान कम हुआ है। प्रो. तिवारी बताते हैं कि वर्ष 1921 से पहले आईसीएस की परीक्षा लंदन में हुआ करती थी। 1921 में पहली बार परीक्षा इलाहाबाद में हुई। 21 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिसमें 11 अभ्यर्थी इविवि के छात्र थे और बाकी 10 अभ्यर्थी देश के अन्य हिस्सों से चयनित हुए थे।


प्रो. तिवारी का कहना है कि आजादी के बाद भी चयन की यही परंपरा कायम रही और यहां स्नातक में दाखिले सिर्फ आईएएस या पीसीएस में चयन के लिए होते थे। शिक्षक भी उच्च कोटि के थे। वर्तमान में भी इविवि को उच्च कोटि के कई शिक्षक मिले हैं, लेकिन अब पीसीएस परीक्षा में विषयों का कोई काम ही नहीं रह गया। ऐसे में केवल पीसीएस की तैयारी के लिए बीए में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थी अब यहां क्यों आएंगे।


इविवि के पूर्व डीन प्रो. एके श्रीवास्तव मानते हैं कि वर्तमान में बीए का स्कोप कम हुआ है। परंपरागत विषयों की मांग घट रही है। वर्तमान जरूरतों के हिसाब से नए-नए पाठ्यक्रम शुरू हो रहे हैं। इन सबके बीच पीसीएस से वैकल्पिक विषय हटाए जाने के बार बीए का थोड़ा-बहुत स्कोप भी कम होता जा रहा है।
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