इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रावासों में अवैध तरीके से जमे छात्र-छात्राओं को डिग्री से भी हाथ धोना पड़ सकता है। कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हंगलू ने शनिवार को आदेश जारी किया कि रेड के दौरान अवैध छात्र-छात्रा पकड़े गए तो उनकी डिग्री वापस ले ली जाएगी। ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी इसकी सूचना भेजी जाएगी। इसलिए ऐसे विद्यार्थी कार्रवाई से पहले हॉस्टल खाली कर दें। रेड की तिथि 26 जनवरी के बाद घोषित की जाएगी।
विगत वर्षों में छात्रों के विरोध के बाद रेड की कार्रवाई बीच में रोक देनी पड़ी थी। कई हॉस्टलों में तो वर्षों से रेड नहीं पड़ी है। इसके अलावा कार्रवाई के कुछ दिन बाद अवैध कब्जा की शिकायत भी आम है। इसके मद्देनजर विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए छात्रावासों को अवैध कब्जा से मुक्त कराना आसान नहीं होगा, लेकिन हॉस्टल में अराजकता की बढ़ती घटनाओं को कुलपति ने गंभीरता से लिया है।
इसी क्रम में उन्हाेंने शुक्रवार को सभी हॉस्टल के वार्डेन और अधीक्षकों से वार्ता की थी। ट्रस्ट हॉस्टल प्रशासन से भी अलग से वार्ता की थी। इसमें ट्रस्ट के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इसके अगले दिन ही उन्होंने हॉस्टल में अवैध तरीके से जमे लोगों को बाहर जाने की हिदायत दी है। उन्होंने आदेश दिया है कि जिनकी अवधि पूरी हो गई है वे हॉस्टल खाली कर दें।
यदि रेड के दौरान अवैध रूप से कोई पाया गया तो उसकी डिग्री वापस ले ली जाएगी। चाहे वह डिग्री कभी की हो। उन्होंने आदेश दिया है कि यदि हॉस्टल में रहने वाले विश्वविद्यालय के छात्र नहीं रहे हैं तो उनके खिलाफ आपराधिक मामलों में कार्रवाई की जाएगी। डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर हर्ष कुमार ने बताया कि अंत:वासियों को कुलपति के इस आदेश से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी के बाद जिला प्रशासन से वार्ता करके रेड की तारीख घोषित की जाएगी।