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डीजीपी ने इविवि से मानद उपाधि लेने से किया इनकार

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Allahabad University Convocation
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इविवि में दीक्षांत समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे विश्वविद्यालय प्रशासन को तगड़ा झटका लगा है। विश्वविद्यालय ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह को मानद उपाधि देने की घोषणा की थी। लेकिन, कार्यक्रम के एक दिन पहले ही डीजीपी ने मानद उपाधि लेने से इंकार कर दिया है। अब वह शिक्षक दिवस के मौके पर पांच सितंबर को होने वाले दीक्षांत समारोह में नहीं आएंगे। इससे पहले एक पुरा छात्र भी विश्वविद्यालय की पीएचडी की डिग्री लेने से मना कर दिया था।
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विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह की जैसे-जैसे तिथि नजदीक आती गई, इससे उतने ही विवाद भी जुड़ते गए। दो दिन पहले ही अंग्रेजी विभाग में शोधार्थी रहे ध्रुव कुमार सिंह ने फेसबुक पर लिखा कि समारोह में बुलाए गए नोबेल पुरस्कार विजेता केवल मेडल बाटेंगे, जबकि डिग्री का वितरण किसी और के हाथों होगा। यह पीएचडी की उपाधि पाने वालों के लिए यह सम्मानजनक नहीं होगा।

छात्र संगठन भी पुरा छात्र के समर्थन में उतर गए और दीक्षांत समारोह का विरोध तेज होने लगा। इसके साथ ही डीजीपी को मानद उपाधि देने पर भी सवाल उठने लगे। इविवि अध्यापक संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रो. राम किशोर शास्त्री ने डीजीपी को उपाधि दिए जाने का विरोध किया था। प्रो. शास्त्री ने बुधवार को दिल्ली में इसी सिलसिले में एक प्रेस वार्ता भी की। विवाद बढ़ता देख कार्यक्रम के एक दिन पहले ही डीजीपी ने इविवि से मानद उपाधि लेने से मना कर दिया। उन्होंने कुलपति को पत्र लिखकर अपने निर्णय की जानकारी दी है। दीक्षांत समारोह का विरोध करने वालों ने इसे अपनी जीत बताया है।
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बता दें कि इस प्रकरण से पहले भी विवि प्रशासन को कई झटके लग चुके हैं। दीक्षांत समारोह में उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने शामिल होने की स्वीकृति दी थी, लेकिन बाद में उन्होंने भी मना कर दिया था। दीक्षांत समारोह में अब कैलाश सत्यार्थी समेत पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ही प्रमुख व्यक्ति के रूप में शामिल होंगे।

दीक्षांत समारोह में छह छात्रों को चांसलर मेडल
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को लेकर तैयारी पूरी हो गई है। विवि की ओर से दीक्षांत समारोह में छह चांसलर मेडल, 113 विश्वविद्यालय मेडल के साथ कुल मिलाकर 119 मेडल दिए जाएंगे। चांसलर मेडल पाने वालों में स्नातक के दो और परास्नातक के चार विद्यार्थी शामिल हैं। कई छात्रों को दो या उससे अधिक विश्वविद्यालय मेडल दिए जाने हैं, इस प्रकार मेडल पाने वाले छात्रों की कुल संख्या 63 है। मुख्य अतिथि नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी अपने हाथों से मेडल प्रदान करेंगे। इस दौरान 181 शोधार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी। वह कुलपति पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी को भी मानद उपाधि प्रदान करेंगे।
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