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छात्रों ने कैलाश सत्यार्थी को लिखा पत्र

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Allahabad University Convocation - फोटो : CITY DESK
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छात्रसंघ ने उठाया दीक्षांत समारोह में आम छात्रों की हिस्सेदारी का मुद्दा
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संयुक्त सघर्ष समिति की बैठक में दीक्षांत समारोह के बहिष्कार का निर्णय
प्रयागराज। छात्रसंघ बहाली के लिए संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन कर रहे छात्रों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के दीक्षांत समारोह में आम छात्रों को न बुलाए जाने पर अपना विरोध दर्ज कराया है। मंगलवार को हुई समिति की बैठक में छात्रसंघ के निवर्तमान पदाधिकारियों की ओर से सवाल उठाया गया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के 25 हजार छात्र-छात्राओं का क्या दोष है कि इविवि प्रशासन ने उनसे समारोह में भागीदारी करने के उनके अधिकार को छीन लिया।
समिति में निर्णय लिया गया कि इविवि के सभी छात्र-छात्राएं दीक्षांत समारोह का बहिष्कार करेंगे, क्योंकि यह दीक्षांत समारोह आम छात्रों का न होकर कुछ विशिष्ट अतिथियों और इविवि प्रशासन का होकर रह गया है जो निंदनीय है और दीक्षांत समारोह की गरिमा के प्रतिकूल है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के इतिहास में दीक्षांत समारोह हमेशा कन्वोकेशन ग्राउंड में होता रहा है ताकि आम छात्र-छात्राओं की भी इसे सीधी भागीदारी हो लेकिन इस बार यह समारोह कुछ चुनिंदा लोगों का निजी कार्यक्रम बन गया है। बैठक के दौरान छात्रसंघ के निवर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, महामंत्री शिवम सिंह, उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा, चंद्रशेखर चौधरी, छात्र नेता अखिलेश गुप्ता गुड्डू, अतेंद्र सिंह, अरविंद सरोज, अविनाश विद्यार्थी, संदीप, अजय सम्राट, सौरभ बंटी आदि मौजूद रहे।
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छात्रों ने कैलाश सत्यार्थी को लिखा पत्र
प्रयागराज। छात्र नेताओं ने इविवि के दीक्षांत समारोह में शामिल होने जा रहे नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी को पत्र लिखा है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह, निवर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, महामंत्री शिवम सिंह की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि कैलाश सत्यार्थी जी छात्रों की पीड़ा समझने और सुलझाने के लिए जाने जाते हैं। अब वह कुलपति के साथ मंत्र साझा करने जा रहे हैं, जिन पर कोई ऐसा आरोप नहीं है जो न लगा हो। आप ऐसी परिस्थितियों में इलाहाबाद विश्वविद्यालय आ रहे हैं, जब 25 हजार छात्र-छात्राएं दिल खोलकर आपका स्वागत करने में भी हिचक महसूस कर रहे हैं। अव्यवस्था के चलते इविवि के एक मेधावी शोधार्थी ने अपनी पीएचडी की डिग्री त्याग दी। आपके प्रेरणादायी वक्तव्य को सुनने एवं आपको साक्षात देखने की प्रबल इच्छा हम छात्र-छात्राओं में थी लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में आपका स्वागत नहीं कर पाएंगे, बल्कि पूरे छात्रसंघ ने समारोह के बहिष्कार का निर्णय लिया है। उम्मीद है कि आप बच्चों की पीड़ा को समझने का प्रयास करेंगे। अंतिम निर्णय आपका होगा।
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दीक्षांत समारोह के समर्थन में भी उतरे छात्र, शिक्षक
प्रयागराज। एक तरह दीक्षांत समारोह का विरोध हो रहा है तो दूसरी ओर तमाम छात्र, पुरा छात्र एवं शिक्षक दीक्षांत समारोह के समर्थन में आगे आए हैं। इस मुद्दे पर मंगलवार की शाम इविवि के गेस्ट हाउस में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. राजेश सिंह ने कहा कि कुलपति द्वारा समारोह में किसी राजनैतिक व्यक्ति के बजाय नोबेल पुरस्कार विजेता तो बुलाया जाना एक ऐतिहासिक एवं स्वागत योग्य कदम है। संचालन कर रहे राणा यशवंत प्रमाप सिंह ने कहा कि दीक्षांत समारोह में डीजीपी ओपी सिंह को मानद उपाधि दिए जाने के निर्णय से आम छात्रों एवं सिविल सेवा की तैयारी कर रहे छात्रों में खुशी का माहौल है। बैठक में डॉ. अरुणेश दत्त तिवारी, डॉ. विद्यासागर उपाध्याय, अजीत कुमार राय, सुरेश पांडेय, रघुनाथ नाय, मोनू ठाकुद आदि मौजूद रहे।
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