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इविवि को बचाने के लिए गांधी जयंती पर निकाला संघर्ष मार्च

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Allahabad university - फोटो : CITY DESK
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संघर्ष मार्च के दौरान विवि बचाने के लिए लोकतांत्रिक ताकतों को एक साथ आने का आह्वान
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प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से गांधी जयंती के मौकेपर बुधवार को बालसन चौराहे स्थित गांधी प्रतिमा से इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन तक संघर्ष मार्च निकाला गया। संयुक्त संघर्ष समिति ने लाल पद्मधर की प्रतिमा पर मार्ल्यापण के बाद विवि में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करने का संकल्प लिया। संयुक्त संघर्ष समिति ने इस यात्रा को बलिदान से बलिदान यात्रा नाम दिया। यात्रा में शामिल लोगों का कहना था कि इसका उद्देश्य विवि में व्याप्त भ्रष्टाचार और कुलपति प्रो. रतनलाल हांगलू के गलत कार्यों का विरोध करना था। संघर्ष मार्च के अंत में छात्रों के एक समूह की ओर से गांधी की शिक्षा पर आधारित नाटक का मंचन किया गया।
इविवि यूनियन हाल के सामने स्थित लाल पद्मधर की प्रतिमा के सामने आयोजित सभा में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद चंद दुबे ने कहा कि यह दौर विवि में आपातकाल का है। हम सभी लोकतांत्रिक ताकतों को साथ आकर अपने विवि का बचाना है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने कहा कि आजादी की लड़ाई से लेकर आज तक युवा समाज और देश के लिए अपनी कुर्बानी से कभी पीछे नहीं है और इलाहबाद विश्विद्यालय को बचाने के लिये भी युवा हर तरह की कुर्बानी देने को तैयार है। हम अपने छात्रसंघ को किसी भी क़ीमत पर लेकर रहेंगे। पूर्व उपाध्यक्ष आदिल हमजा ने कहा की आज गांधी जयंती के अवसर पर हम सभी लोगों को गांधी के मूल्यों का विश्वविद्यालय बनाने के लिये हर प्रकार का संघर्ष करने को तैयार रहना चाहिए। पूर्व महामंत्री निर्भय द्विवेदी ने विश्विद्यालय को बचाने के लिए सभी छात्रों को साथ आकर गाधीवादी तरीके से संघर्ष करने की अपील की।
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जिला अधिवक्ता संघ के महामंत्री राकेश दुबे ने विश्वविद्यालय की लड़ाई को न्यायपालिका मे लड़ने के लिए अपनी तरफ से हर प्रकार का सहयोग देने का वादा किया। इविवि अध्यापक संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रो.राम किशोर शास्त्री ने समाज के सभी वर्गो का आह्वहन करते हुए कहा की आज यह विश्वविद्यालय रोज नये काले अध्याय लिख रहा है और हम सभी को साथ आकर इस विश्वविद्यालय को इसके काले दिनों से बाहर लाना है। रसायन शास्त्र के पूर्व प्रोफेसर एके श्रीवास्तव ने विश्विद्यालय के वर्तमान दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा की हम सभी लोगों को अपनी ताकत और बढ़ाने की जरुरत है जिससे इस विश्वविद्यालय को पतन से बचाया जा सके । मिनिस्ट्रीयल और टेक्निकल यूनियन के पूर्व अध्यक्ष हौसला प्रसाद तिवारी ने सभी कर्मचारियों किया कि वह विश्विद्यालय प्रशासन की ओर से घोषित आपातकाल के खिलाफ अब अपनी आवाज बुलंद करें। कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष मुस्ताक अहमद ने कहा की हमारे कर्मचारी भाईयों को कुलपति और विवि प्रशासन के खिलाफ संघर्ष के अब इंतजार नहीं करना चाहिए। संयुक्त संघर्ष समिति के मार्च में अमरेन्द्र सिंह, अखिलेश सिंह, अखिलेश गुप्ता, सूर्य प्रकाश, प्रशान्त मिश्रा, राहुल तिवारी, नवीन, सूरज, अनुराग, कार्तिकेय, शैलेश, पंकज, निलेश, अमित आदि मौजूद रहे।
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