छात्रों ने कहा, छात्रसंघ के लिए काला दिन है 29 जून 2019
लगतार 48 दिनों तक धरना देने के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में छात्रसंघ बहाली के लिए लगातार 48 दिनों तक धरना देने के बाद छात्रों ने रविवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया। छात्रों का कहना है कि 29 जून 2019 छात्रसंघ के लिए हमेशा काला दिन के रूप में याद रखा जाएगा, जब इस गौरवशाली छात्रसंघ को विश्वविद्यालय के कुलपति के तुगलकी फरमान ने पल भर में रौंद दिया और इस छात्रसंघ को भूतपूर्व बना दिया।
छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, महामंत्री शिवम सिंह, उपमंत्री सत्यम सिंह सनी, पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव, छात्र नेता अविनाश विद्यार्थी, दुर्गेश प्रताप सिंह, संदीप चौधरी और अजय सम्राट रविवार दोपहर से बेमियादी आमरण अनशन पर बैठ गए। अनशनकारियों का कहना है कि लगतार 48 दिनों तक धरना देने के बाद भी इविवि प्रशासन का कोई प्रतिनिधि वार्ता के लिए तैयार नहीं हुआ। ऐसे में आमरण अनशन पर बैठना उनकी मजबूरी थी।
छात्रसंघ बहाली तक अहिंसात्मक रूप से यह आंदोलन जारी रहेगा। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दिनेश सिंह ने कहा कि हमारे समाज के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्रों को छात्रसंघ की बहाली के लिए स्वतंत्र भारत में अपनी जान की बाजी लगानी पड़ रही है। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष अजीत यादव समेत छात्र नेता अखिलेश गुप्ता गुड्डू, अभिषेक यादव, रजनीश सिंह रिशु, अजीत यादव विधायक, अतेंद्र सिंह, विक्रांत सिंह, राहुल क्रांति, संदीप वर्मा, हितेंद्र यादव, सौरभ सिंह बंटी, आशीषयादव, राहुल पटेल आदि ने मौके पर पहुंचकर अनशनकारी छात्रों की हौसला अफजाई की।