कोविड के कारण इलाहाबाद विश्वद्यालय में स्नातक की ऑफलाइन कक्षाएं 20 माह से बंद चल रही हैं। केवल ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, लेकिन 17 दिसंबर से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में कक्षाओं का संचालन होगा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में 20 माह बाद 17 दिसंबर से स्नातक की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने जा रहीं हैं। ऐसे में शुक्रवार से विश्वविद्यालय परिसर में चहल पहल बढ़ जाएगी। हालांकि एक दिन की पढ़ाई के बाद विश्वविद्यालय 31 दिसंबर तक बंद रहेगा और स्नातक की अगली कक्षाएं नए वर्ष में शुरू होंगी।
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कोविड के कारण इलाहाबाद विश्वद्यालय में स्नातक की ऑफलाइन कक्षाएं 20 माह से बंद चल रही हैं। केवल ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, लेकिन 17 दिसंबर से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में कक्षाओं का संचालन होगा। तीन-चार माह बाद वार्षिक परीक्षाएं भी प्रस्तावित हैं। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाओं में कई विषयों का कोर्स भी पूरा हो चुका है। जिन विषयों का कोर्स पूरा नहीं हुआ है, शुक्रवार से विश्वविद्यालय परिसर में उनकी विषयों की ऑफलाइन कक्षाएं चलेंगी। साथ ही ऑनलाइन मोड में भी कक्षाओं का संचालन किया जाएगा।
शनिवार और रविवार को विश्वविद्यालय में साप्ताहिक अवकाश होता है और 20 से 31 दिसंबर तक शीतावकाश घोषित कर दिया गया है। हालांकि पहले दिन स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की कक्षाओं का ही संचालन होगा, क्योंकि स्नातक प्रथम वर्ष में अभी प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। पीजी और शोध की ऑफलाइन कक्षाओं के लिए विश्वविद्यालय पहले ही खोला जा चुका है। शीतावकाश में प्रवेश एवं फीस जमा होने का कार्य भी चलेगा और विभिन्न कोर्सेज के समन्वयक एवं टीम उपस्थित होंगी। इविवि के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला ने निर्देश जारी किए हैं कि परिसर में सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा और सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करना होगा।
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विद्यार्थियों को दिखाना होगा टीकाकरण प्रमाणपत्र
ऑफलाइन कक्षाओं में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों को कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण का प्रमाणपत्र दिखाना होगा। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य भी प्रवेश द्वार एवं अन्य स्थानों पर टीकाकरण प्रमाणपत्र की जांच करेंगे। छात्रों के साथ कर्मचारी और शिक्षकों के लिए भी टीकाकरण अनिवार्य किया गया है। संकाय सदस्यों से कहा गया है कि वे कक्षा में प्रवेश की अनुमति देने से पहले संबंधित छात्रों के टीकाकरण प्रमाणपत्र की जांच करें। अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों को सलाह दी गई है कि श्वसन संबंधी लक्षणों, बुखार पर ध्यान दें और अगर अस्वस्थ महसूस करते हैं तो अपने रिपोर्टिंग अधिकारी को सूचित करने के बाद कार्यस्थल छोड़ दें। परिसर में थूकना वर्जित है।