करीब दो वर्ष से स्मार्ट सिटी बनने की प्रतीक्षा कर रहे इलाहाबादियों की आस प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अब पूरी होने की उम्मीद है। पूर्व के दो चरणों की प्रतियोगिता से बाहर होने के बाद इस बार नगर निगम नए सिरे से स्मार्ट सिटी का प्लान तैयार करा रहा है। इस बार प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी केपीएमजी कन्सलटेंसी एजेंसी को दी गई है, जिसने वाराणसी और दिल्ली का प्लान तैयार किया था और यह दोनों ही स्मार्ट सिटी का हिस्सा हो चुके हैं।
प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार अमेरिका गए नरेंद्र मोदी ने उसके सहयोग से विशाखापट्टनम, अजमेर के साथ इलाहाबाद को भी स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की थी। दो वर्ष में इलाहाबाद से दो बार स्मार्ट सिटी की प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजा भी गया, लेकिन वह इस स्तर का ही नहीं था कि योजना में शामिल हो सके। अब प्रदेश में भाजपा की सत्ता आने के बाद यह तकरीबन साफ हो गया है कि तीसरे चरण में इलाहाबाद के स्मार्ट सिटी के लिए चयन करने पर फैसला हो जाएगा। ऐसा इसलिए भी शहर पश्चिमी से नवनिर्वाचित विधायक एवं भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह की स्मार्ट सिटी में खास रुचि है। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी के अक्तूबर 2015 में पहले अमेरिकी दौरान पर गए प्रतिनिधिमंडल में भी सिद्धार्थ नाथ शामिल थे। मोदी ने वाराणसी के साथ कुंभ नगरी इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का मन शायद पहले से बना रखा था और कहा जाता है कि उनके अमेरिका दौरे के पहले केंद्रीय नेतृत्व ने इस पर विचार भी किया था। प्रतिनिधिमंडल में सिद्धार्थ भी शामिल थे, सो यह भी इलाहाबाद के पक्ष में गया।
अमेरिका में घोषणा होने के बाद यूनाइटेड स्टेट ट्रेड डेवलपमेंट एजेंसी (यूएसटीडीए) के प्रतिनिधियों ने इलाहाबाद का कई बार दौरा किया। स्मार्ट सिटी के तहत शहर को विकसित करने की योजना पर अफसरों के साथ रायमशविरा किया। फिर उसी के आधार पर प्रस्ताव तैयार हुआ लेकिन दुर्भाग्य से इलाहाबाद प्रतियोगिता से बाहर हो गया। अब जबकि प्रदेश की सत्ता में सिद्धार्थ के रूप में इलाहाबाद से बड़ा प्रतिनिधित्व मिल गया है सो इस योजना पर जल्द काम भी शुरू होने की आस लगाई जा रही है। इस बीच नगर निगम स्मार्ट सिटी प्लान भी तेजी से तैयार करा रहा है, जिसमें कटरा, ममफोर्डगंज, सिविल लाइंस समेत करीब 19 सौ एकड़ हिस्से का एरिया बेस्ड डवलपमेंट के साथ अन्य ढेरों काम होंगे।
सिद्धार्थ नाथ ने बनाई थी इलाहाबाद विकास समिति
इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना पर गंभीरता से काम होता तो शायद प्रतियोगिता के पहले या दूसरे चरण में चयन हो गया होता। इसके लिए सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बाकायदा इलाहाबाद विकास समिति का गठन किया था, जिसका अध्यक्ष न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय को बनाया गया था और संयोजक सांसद केशव मौर्या और श्यामा चरण गुप्त बनाए गए थे। विधायक सिद्धार्थ नाथ कहते हैं कि समिति की बैठक तभी होती थी जब वह इलाहाबाद आते थे, इसके अलावा न कभी बैठकें हुईं और न ही सदस्यों ने स्मार्ट सिटी के लिए कोई सुझाव दिया। बताया कि अब स्मार्ट सिटी की योजना पर व्यवस्थित काम होगा, ताकि प्रतियोगिता में चयन हो सके।