प्रयागराज। एनसीआर की तमाम ट्रेनों के जनरल कोच में बैठने के लिए अब यात्रियाें को धक्कामुक्की नहीं करनी होगी, साथ ही उन्हें सीट के लिए घंटों पहले से लाइन लगाने से भी निजात मिलेगी। रेलवे प्रशासन प्रयागराज समेत कई ट्रेनों के लिए बायोमैट्रिक टोकन सिस्टम (बीटीएस) शुरू करने जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत जनरल कोच के यात्रियों को फिंगर प्रिंट लेकर टोकन उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके आधार पर उन्हें कोच में प्रवेश मिलेगा। प्रत्येक टोकन पर सीरियल नंबर होगा, ताकि क्षमता के अनुसार ही यात्रियों को कोच में प्रवेश मिले। फिलहाल, बीटीएस की शुरुआत प्रयागराज एक्सप्रेस से की जाएगी।
एक्सप्रेस ट्रेनों के जनरल कोच में सफर करने के लिए दोपहर से ही यात्रियों की लाइन इलाहाबाद जंक्शन पर लग जाती है। ट्रेन के प्लेटफार्म पर आते ही जनरल कोच में बैठने के लिए अकसर भगदड़ जैसी स्थिति हो जाती है। यात्रियों को कोई परेशानी न हो इसके लिए एनसीआर प्रशासन बीटीएस की व्यवस्था करने जा रहा है। इसमें ट्रेन रवानगी के तीन घंटे पूर्व ही आरपीएफ जवान यात्रियों का फिंगर प्रिंट लेकर उन्हें एक टोकन देंगे। टोकन ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर मिलेगा। जनरल कोच में यात्रियों को इसी टोकन के आधार पर प्रवेश मिलेगा। टोकन कोच की क्षमता के अनुसार ही वितरित किए जाएंगे।
पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में अभी यह व्यवस्था मध्य रेलवे ने मुंबई सीएसटी से लखनऊ जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस में की है। इसके अलावा मध्य रेलवे ने पिछले दिनों पांच अन्य ट्रेनों में भी मुंबई से इसकी शुरुआत की है। अब एनसीआर प्रशासन भी बीटीएस अपने यहां लगाने जा रहा है। शुरुआत प्रयागराज एक्सप्रेस से होगी। बाद में कानपुर से चलने वाली श्रमशक्ति एक्सप्रेस, मुंबई जाने वाली तुलसी, संगम एक्सप्रेस, इलाहाबाद-उधमपुर, कानपुर-उधमपुर एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में भी यह व्यवस्था अपनाई जाएगी।
एनसीआर जोन में भी बायोमैट्रिक टोकन सिस्टम शुरू करने की तैयारी है। इसी वर्ष इसकी शुरुआत होगी। शीघ्र ही इसकी तारीख का एलान किया जाएगा। - अजीत कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनसीआर।
बीटीएस से अपराधियों पर भी लगाम
जनरल कोच में जहर खुरानी की अधिकांश घटनाएं होती हैं। फिंगर प्रिंट लेने से आरपीएफ के पास यात्रियों का रिकार्ड भी होगा। बताया जा रहा है कि फिंगर प्रिंट के अलावा आने वाले दिनों में आरपीएफ बीटीएस के माध्यम से हर एक यात्रियों की फोटो भी लेगी। इससे अपराध में कमी आएगी। साथ ही संदिग्ध लोगों की धरपकड़ भी हो सकेगी।