सरकारी नौकरियों में मेरिट से होने वाला चयन प्रदेश में नकल रोकने में सबसे बड़ी बाधा है। मेरिट व्यवस्था खत्म करके परीक्षाओं में 50 फीसदी नकल पर बिना किसी प्रयास के रोक लगाई जा सकती है। यह बातें प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल ने अमर उजाला से बातचीत केदौरान कहीं। उन्होंने कहा कि नौकरियों के साथ ही बीटीसी में भी प्रवेश मेरिट के आधार पर दिया जाता है, इस पर भी रोक लगनी चाहिए।
यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल पर नकेल लगाने के सवाल पर माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए अभिभावक जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के फेल होने में अभिभावकों का बड़ा रोल है। उन्होंने कहा कि मेरिट से चयन रोक देने पर बोर्ड परीक्षाओं में 50 फीसदी नकल अपने आप थम जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नकल रोकने के लिए पूरी तरह से चाक चौबंद व्यवस्था लागू कर रही है।
माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री का यह बयान उनके सरकार के मुखिया और प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की घोषणा के एकदम से उलट है, जिसमें उन्होंने सिपाही भर्ती में लिखित परीक्षा हटाकर मेरिट के आधार पर चयन की व्यवस्था लागू की है। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री से जब पूछा गया कि प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड लिखित परीक्षा से करता है, जबकि राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षकों की भर्ती मेरिट से हो रही है। इस व्यवस्था में बदलाव के बारे में उन्होंने सहमति व्यक्त की।