यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन प्रदेश के ज्यादातर जिलों में अव्यवस्था की सूचना है। बृहस्पतिवार सुबह परीक्षा शुरू हो गई, लेकिन ज्यादातर केंद्रों पर आधे कक्ष निरीक्षक नहीं पहुंचे। इन केंद्रों पर बाबुओं एवं चपरासियों ने परीक्षा पूरी करवाई। बड़ी संख्या में परीक्षा केंद्रों पर बिना परिचय पत्र के ही कक्ष निरीक्षक ड्यूटी करते मिले। प्रदेश के कई जिलों से शिकायत दर्ज कराई गई कि कोचिंग के शिक्षक और प्रबंधकों के रिश्तेदार परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र लेकर घूमते मिले। परीक्षार्थियों से प्रवेश पत्र के बदले मोटी रकम मांगी गई। परीक्षा तैयारियों को लेकर अफरा-तफरी इस कदर रही कि सचल दस्तों का गठन तक नहीं किया जा सका।
यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन प्रवेश पत्र नहीं मिलने और गलत केंद्र आवंटित कर देने के कारण बड़ी संख्या में परीक्षार्थी भटकते रहे। यूपी बोर्ड कार्यालय पर परीक्षा के एक दिन पहले तक प्रवेश पत्र की उम्मीद लगाए बोगस परीक्षार्थियों को निराश होना पड़ा। उन्हें प्रवेश पत्र नहीं मिलने से भी परीक्षा केन्द्रों के बाहर गहमा-गहमी का माहौल रहा। पहले दिन हिंदी अनिवार्य विषय की परीक्षा होने के कारण सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ रही। पहले दिन की परीक्षा में केंद्र व्यवस्थापकों की परेशानी रही। प्रदेश के हर जिले से यह सूचना मिली कि परीक्षा केंद्रों पर कहीं-कहीं आधे कक्ष निरीक्षक भी नहीं पहुंचे।
गाजीपुर, बलिया, झांसी, ललितपुर, कानपुर सहित प्रदेश के सभी जिलों से सूचना मिली कि दूसरे विद्यालयों से बुलाए गए कक्ष निरीक्षकों ने परिचय पत्र नहीं होने तथा रिलीव नहीं होने की बात कह परीक्षा ड्यूटी से कन्नी काट ली। ऐसे में सभी केंद्रों पर बाबुओं और चपरासियों को कक्ष निरीक्षक का काम करना पड़ा। कई जिलों से शिकायत दर्ज कराई गई कि कोचिंग के शिक्षक और प्रबंधकों के रिश्तेदार परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र लेकर घूम रहे हैं। प्रवेश पत्र के बदले मोटी रकम मांगते रहे।