जेएनयू में राष्ट्र विरोधी प्रदर्शन करने वाले छात्रों का समर्थन करने पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा (परिवाद) दर्ज कर लिया गया है। भाजपा नेता और हाईकोर्ट के वकील सुशील मिश्र ने परिवाद दर्ज कराया है कि राहुल गांधी ने जेएनयू परिसर में हुई घटना के बाद देशद्रोहियों के समर्थन में सभा की। आतंकी हाफिज सईद द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम को समर्थन देना स्वयं में देशद्रोह का कार्य है। एसीजेएम सुशील कुमार ने सुनवाई के लिए अर्जी स्वीकार करते हुए रजिस्टर में दर्ज करने का आदेश दिया है। वादी के बयान हेतु एक मार्च की तिथि नियत की गई है।
अधिवक्ता अम्बिकेश्वर मिश्र के माध्यम से दाखिल कराए गए परिवाद में राहुल गांधी को आईपीसी की धारा 124, 124 क, 500 और 511 के तहत मुकदमा चलाने के लिए तलब करने की मांग की गई है। शिकायत में कहा गया है कि 10 फरवरी को जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैयालाल सहित सात अन्य छात्रों ने आतंकवादी सरगना हाफिज सईद के निर्देश पर धरने का आयोजन किया था। इस दौरान भारत के विरोध में और पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए गए। भारत की एकता और अखंडता को खंडित करने का प्रयास किया गया। इस घटना में दिल्ली पुलिस ने कन्हैयालाल सहित सात छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
राहुल गांधी ने 13 फरवरी को जेएनयू परिसर पहुंचकर राष्ट्रद्रोहियों के समर्थन में सभा करते हुए उनकी गिरफ्तारी की निंदा की। देशद्रोहियों का समर्थन करके उन्होंने स्वत: देशद्रोह का काम किया है।
परिवाद में यह भी कहा गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का यह औचित्य नहीं कोई देश की एकता और अखंडता को चोट पहुंचाए और देश का अपमान करे।
इन धाराओं में मुकदमा चलाने की मांग
124 आईपीसी- राष्ट्रपति या राज्यपाल को किसी विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग करने के लिए विवश करने या रोकने के उद्देश्य से उन पर हमला करना।
124 (क) राष्ट्रद्रोह
500- मानहानि
511- आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध करने का प्रयत्न करने के लिए दंड
उपरोक्त धाराओं में मुकदमा चलाने की मांग परिवादी द्वारा की गई है। मजिस्ट्रेट वादी और गवाहों का बयान दर्ज करने के बाद तय करेंगे कि मुकदमा किन धाराओं में चलाने योग्य है या नहीं है।