हाईकोर्ट ने अवमानना के एक मामले में सुनवाई करतेे हुए वन विभाग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को 30 मार्च तक नियमित करने का आदेश दिया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले ही नियमितिकरण का आदेश दिया जा चुका है। आदेश का पालन न होने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई। न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य वन सरंक्षक को आदेश दिया है कि वह 30 मार्च तक आदेश का पालन कर दें। ऐसा न करने पर अधिकारियों का वेतन रोकने पर विचार किया जाएगा।
वर्ष 2010 में हाईकोर्ट ने 70 वनकर्मियों की वरिष्ठता सूची तैयार कर उनको नियमित करने का आदेश दिया था। वन विभाग के अधिकारियों ने इस आदेश की आड़ में मनमानी करते हुए भेदभावपूर्ण तरीके से वरिष्ठता सूची तैयार की। इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। सुप्रीम कोर्ट ने पहले हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। बाद में याचिका निस्तारित करते हुए रोक हटा ली। सुप्रीम कोर्ट ने समयबद्ध तरीके से कर्मचारियों को नियमित करते हुए न्यूनतम वेतन देने का आदेश दिया। इस आदेश का पालन न होने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई है।